संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही रेल की पटरियों की सुरक्षा में दिनरात पैदल चलकर उसमें आई खराबी को ठीक करने वाले मंडल चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का जोखिम भत्ता बढ़ा दिया गया है।इनमें ट्रैक मेंटेनर, की मैन, पेट्रोलिंग मैन आदि शामिल हैं।
रेल संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैक मेंटेनर/पेट्रोलिंग कर्मी प्रतिदिन 16 किलोमीटर पैदल चलकर रेल की पटरी की निगरानी करते हैं। कई बार इस दौरान दुर्घटना में इन कर्मियों को नुकसान भी पहुंचता है। इसी को देखते हुए रेलवे बोर्ड से कई कर्मचारी संगठन मांग करते रहे हैं कि ट्रैक मेंटेनर का जोखिम भत्ता बढ़ाया जाए। इसमें कर्मचारी संगठन एनसीआरईएस ने भी साल 2019 में बोर्ड से जोखिम भत्ता बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक, वेतन आयोग एस बालचंद्र अय्यर निर्देश पर चतुर्थ श्रेणी के की-मैन एवं मेठ को जोखिम भत्ता 2700 रुपये से बढ़ाकर 6 हजार, पेट्रोलमैन का जोखिम भत्ता 2700 रुपये से बढ़ाकर 4100 रुपये। हेल्पर, लोहार और वेल्डर को भी 2700 रुपये जोखिम भत्ता मिलने लगा है। इसमें मंडल के 6 हजार कर्मियों शामिल किया गया है।