वायरस और बैक्टीरिया का खात्मा करेगी गर्मी झांसी। बढ़ते तापमान के कारण पड़ रही तपिश भरी गर्मी में कुछ वायरस और बैक्टीरिया का खात्मा होने की संभावना है। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में खासकर राइनो वायरस, टायफाइड का बैक्टीरिया कमजोर पड़ जाता है। इस कारण इन जीवाणु, विषाणु से होने वाले रोगों से लोगों के बचे रहने की संभावना रहती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि राइनो ग्रुप के वायरस के कारण फ्लू यानी बुखार, जुकाम होने की संभावना रहती है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे यह वायरस कमजोर पड़ने लगता है। इसके अलावा अमीवा और प्रोटोजुआ का असर भी कम हो जाता है। इन दोनों के कारण पेट दर्द और दस्त होते हैं। वहीं, टायफायड का बैक्टीरिया भी तेज गर्मी में बेअसर होने लगता है। गर्मी के बाद यह बैक्टीरिया बारिश के सीजन में बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि शोध पत्रों में कहा गया है कि 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान पहुंचता है तो कोरोना वायरस की उम्र काफी हद तक कम हो जाती है। हालांकि, यह इस पर भी निर्भर करता है कि वायरस घर के अंदर की सतह पर है या बाहर की। ऐसे में तेज गर्मी कई वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार साबित होगी। मालूम हो कि नौतपा में इस बार पिछले छह साल का रिकॉर्ड टूटने का पूर्वानुमान है। तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज धूप में पड़ने लगी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन की मार झांसी। गर्मी का ग्राफ दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। अधिकतम पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। तेज धूप में घरों से बाहर निकलने पर लोग डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं। टेलीमेडिसिन सुविधा के तहत मरीज जिला अस्पताल के डॉक्टरों को फोन कर इस बीमारी के मरीज परामर्श ले रहे हैं। 44 डिग्री सेल्सियस पारा पहुंचते ही हीट स्ट्रोक की मार लोगों पर पड़ने लगती है। शरीर में पानी की कमी हो जाने की वजह से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। कोरोना वायरस की वजह से सरकारी अस्पतालों में टेलीमेडिसिन सुविधा के तहत मरीज डॉक्टरों को फोन कर परामर्श ले रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक इन दिनों 15 फीसदी मरीज डिहाइड्रेशन और 10 प्रतिशत हीट स्ट्रोक के आ रहे हैं। आगे आने वाले दिनों में जैसे-जैसे धूप बढ़ेगी, वैसे-वैसे इन बीमारियों के रोगियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बचाव के लिए ये करें - तरबूज, खीरा खाएं - नींबू पानी पिएं - पानी पीते रहें - गरिष्ठ भोजन न करें