रेलवे ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दो साल के लिए दुबारा नौकरी देने की गाइड लाइन तैयार की है। पश्चिमी रेलवे के जबलपुर मंडल इसकी शुरूआत हो गई है। इन कर्मचारियों को योग्यता के हिसाब से रेलवे के अलग-अलग विभागों में रखा जाएगा।
रेलवे के ढांचे में चालीस फीसदी कर्मचारी कम हैं। हर माह सैकड़ों कर्मचारी रिटायर हो जाते हैं, लेकिन उनकी जगह दूसरे की नियुक्ति नहीं होती। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। रेलवे बोर्ड ने इससे निपटने के लिए अपने ही सेवानिवृत्त स्वस्थ कर्मचारियों को दुबारा नौकरी देने की गाइड लाइन तैयार की है। 62 साल तक के इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ट्रैफिक, इंजीनियरिंग, एसएनटी, लोको रनिंग, शेड, सीएंडडब्लू, इलेक्ट्रिक, टीआरडी, टीआरएस, कार्मिक, वाणिज्य विभाग में अलग- अलग पदों पर रखा जाएगा। इन्हें दो साल के लिए रखा जाएगा। इसमें 1800 ग्रेड-पे पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 300 रुपये, 2800 ग्रेड-पे पर सेवानिवृत्त को 320 रुपये, 4200 ग्रेड-पे पर सेवानिवृत्त को 550 रुपये और 4600 ग्रेड-पे पर रिटायर हुए कर्मचारी को 565 रुपये प्रतिदिन से भुगतान किया जाएगा।
रिटायर कर्मचारियों को दुबारा रखने की गाइड लाइन अभी यहां नहीं आई है। उत्तर मध्य रेलवे में गाइड लाइन आने पर इस पर काम शुरू होगा।
अमित मालवीय, पीआरओ उत्तर मध्य रेलवे
शर्तें
- चिकित्सीय परीक्षण के बाद ही रखा जाएगा।
- अधिकतम आयु 62 वर्ष तक को ही दोबारा नौकरी।
- सक्षम अधिकारी की अनुमति से बिना नोटिस के हटाया जा सकता है।
- कर्मचारी की उपयोगिता उसके सेवा रिकार्ड के आधार पर जांची जाएगी।
- कर्मचारियों को रात्रिकालीन कार्य भत्ता नहीं दिया जाएगा।