फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हम भी समझें जिम्मेदारी, गंदगी सबसे बड़ी बीमारी

Mon, 02 Oct 2017 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
rain, jhansi news - फोटो : demo
विज्ञापन
हम भी समझें जिम्मेदारी, गंदगी सबसे बड़ी बीमारी
विज्ञापन

झांसी। सोमवार को हम महात्मा गांधी की 148 वीं जयंती मनाएंगे। बापू अपने जीवन में जितना महत्व अहिंसा को देते थे, उतना ही वह स्वच्छता पर बल देते थे। अपने जीवन के तमाम प्रयोगों में उन्होंने स्वच्छता अभियान को प्रमुख हथियार बनाया था। अब सरकार भी उनके बताए मार्ग पर चलकर उनकी जयंती पर स्वच्छता ही सेवा है अभियान चला रही है। ये अभियान तब तक कारगर नहीं होंगे, जब तक हम इनसे नहीं जुड़ेंगे। स्वच्छता सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हमारी भी जिम्मेदारी है। आइए, राष्ट्रपिता की जयंती पर हम संकल्प लें, कि अपना घर तो साफ रखेंगे ही, घर के बाहर भी सफाई का ध्यान रखेंगे।

इन बातों का रखें ध्यान
- कचरा खुले में न डालें।
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्ट करने वाले कर्मचारियों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग दें।
- पॉलिथीन में कचरा बांधकर न फेकें।
- घर में डस्टबिन रखें। कचरा इधर-उधर न फेकें।
- पॉलिथीन का उपयोग न करें।

झांसी ने पाया था तीसरा मुकाम
स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 में उप्र की रैंकिंग में वाराणसी ने पहला, अलीगढ़ ने दूसरा और झांसी ने तीसरा स्थान पाया था। जबकि, देश भर के शहरों की रैंकिंग में झांसी 166 वें स्थान पर रहा था। झांसी को ‘फास्टेस्ट मूविंग सिटी’ (तेजी से विकसित होता शहर) श्रेणी में ‘स्वच्छ सिटी’ अवार्ड भी दिया गया था। अब जनवरी में फिर से स्वच्छता सर्वेक्षण- 2018 शुरू होना है। झांसी को पहले पायदान पर लाने के लिए आज सोमवार को गांधी जयंती से इसकी शुरूआत होगी।
विज्ञापन


ऑन स्पॉट 200 रुपये फाइन
सार्वजनिक स्थान या सड़क पर कचरा फेंका तो ऑनस्पॉट 200 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। ऐसे लोगों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी स्वच्छता समितियों को सौंपी जाएगी।

महानगर की दस फीसदी आबादी जाती है खुले में शौच
सब हेड: दिसंबर से इसे समाप्त करना बड़ी चुनौती, 40 वार्डों में 04 तक मांगी आपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर की दस फीसदी आबादी खुले में शौच करने जाती है। यह आकलन नगर निगम का है। शासन ने नगर निगम को दिसंबर 2017 तक खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य दिया था, जिसे पूरा करना बड़ी चुनौती है। अभी नगर निगम ने चालीस वार्डों में चार अक्तूबर तक आपत्तियां मांगी हैं।
नगर निगम ने ऐसे परिवारों से आवेदन मांगे थे, जिनके घर शौचालय नहीं है। शौचालय बनवाने के लिए 10,468 लोगों ने आवेदन दिए थे। एक परिवार में चार से सात लोग होते हैं। ऐसे में इनका औसत पचास हजार से अधिक आ रहा है। नगर निगम का मानना है कि यह लोग खुले में शौच करने जा रहे हैं। वहीं, काफी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने जगह न होने के कारण आवेदन नहीं दिया है। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जो फुटपाथों पर या मैदानों में झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहते हैं, जो खुले में ही शौच करने जाते हैं। ऐसे लोगों की कुल संख्या करीब साठ हजार है। महानगर की आबादी लगभग छह लाख है। ऐसे में दस फीसदी आबादी ऐसी है, जो खुले में शौच जाती है।

मना नहीं कर सकते पेट्रोल पंप संचालक
यदि किसी व्यक्ति को शौच जाना है और आसपास पेट्रोल पंप पर ही शौचालय है तो पेट्रोल पंप संचालक शौच जाने से मना नहीं कर सकते, बल्कि शौच जाने वो व्यक्ति का सपोर्ट करेंगे। यदि मना किया और संबंधित व्यक्ति ने नगर आयुक्त अथवा जिलाधिकारी से शिकायत कर दी तो पेट्रोल पंप संचालक को चेतावनी दी जाएगी।

55 शौचालय बने
नगर निगम ने 55 सार्वजनिक शौचालय बनाए हैं। इन शौचालयों के माध्यम से उन क्षेत्रों को कवर किया गया है, जिन वार्डों में गरीब वर्ग के व्यक्ति अपने घरों में शौचालय नहीं बनवा पा रहे हैं।

320 सफाई कर्मचारियों की जरूरत
शहर का क्षेत्रफल 167 वर्ग मीटर है। आबादी छह लाख है, इस हिसाब से यहां पर 1,680 सफाई क र्मचारी होने चाहिए, लेकिन यहां पर 1,320 सफाई कर्मचारी हैं। इसमें से सड़कों की सफाई के लिए 30 कर्मचारी और रात्रि में सफाई के लिए 40 कर्मचारी लगाए गए हैं। अभी भी 320 सफाई कर्मचारियों की कमी है।

खाद बनाया जा रहा
गीला कचरा से खाद बनाया जा रहा है। कल्लनशाह खंती पर मुस्कान ज्योति संस्था 11 वार्डों का डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर खंती पर लाती है। इसके लिए 11 लोडिंग गाड़ियां दो शिफ्टों में काम करती हैं। सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के बाद औसत चार गाड़ियां सूखे कचरे की निकलती हैं। गीले कचरे से खाद बनाया जा रहा और सूखा कचरा से प्लास्टिक दाना तैयार हो रहा है।

419 कचरा घर
शहर में 419 कचरा घर हैं। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू होने के बाद अब इन कचराघरों को बंद करने की तैयारी है। शहर में प्रतिदिन 300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। अभी 60 प्रतिशत कचरे का डोर-टू-डोर कलेक्शन हो रहा है।

झांसी। सोमवार को गांधी जयंती के अवसर पर 01 किलोमीटर लंबे बैनर पर नागरिकों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। इलाइट चौराहा से लेकर महारानी लक्ष्मीबाई पार्क तक एक किलोमीटर लंबा बैनर लगाया जाएगा। सुबह साढ़े आठ बजे से महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में होने वाले कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह, विधायक रवि शर्मा, जवाहर सिंह राजपूत, बिहारी लाल आर्य, राजीव सिंह और जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान की मौजूदगी में सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई जाएगी। किला मार्ग से होते हुए मिनर्वा चौराहा तक जागरूकता रैली निकाली जाएगी।


अभी बाजार गंदे हैं
महानगर में सफाई के क्षेत्र में बहुत काम हुए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शहर को तीसरा स्थान मिला। अब बाजारों में सफाई की जरूरत है। बाजारों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अनिवार्य करने से सफाई रहेगी। दुकानदारों को भी समझाने की जरूरत है कि कचरा सड़क पर न डालें। बाजारों में यदि गंदगी बंद हो गई तो निश्चित तौर पर हम सफाई में नंबर वन हो जाएंगे।
- किरन वर्मा
निवर्तमान महापौर

सोच बदलने की कोशिश कर रहे
मैं स्वच्छता के प्रति आम लोगों की सोच बदलने के लिए प्रत्येक सप्ताह सफाई श्रमदान कर रहा हूं। सफाई के प्रति अपनी आदत बदलने के लिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि सोच और व्यवहार में परिवर्तन लाएं। इसके लिए हम सबको आगे आना होगा।
विज्ञापन

- कर्ण सिंह चौहान
जिलाधिकारी

रैली निकालेंगे, शपथ दिलवाएंगे
गांधी जयंती के अवसर पर महारानी लक्ष्मीबाई पार्क से स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इस दौरान रैली में शामिल सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलवाई जाएगी। मेरा प्रयास है कि स्वच्छता सर्वेक्षण - 2018 में झांसी नंबर वन का तमगा हासिल करे।
- प्रताप सिंह भदौरिया
नगर आयुक्त

आज के कार्यक्रम
- 11.30 बजे से मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में श्रमदान कर सफाई कार्य।
- 6.30 बजे से गांधी भवन में दीपदान किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें