झांसी। पंचायत चुनाव में बतौर बीएलओ बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की तैनाती की जा रही है। इस नई जिम्मेदारी से शिक्षक खासे परेशान हैं। ड्यूटी कटवाने के लिए वह जुगाड़ भिड़ाने में जुट गए हैं।
पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से जारी हैं। शुरुआत में पंचायत मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को करना है। बतौर बीएलओ बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की बड़ी संख्या में तैनाती की जा रही है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक 1500 मतदाताओं पर एक बीएलओ व प्रत्येक न्याय पंचायत पर दो पर्यवेक्षकों की तैनाती की जा रही है। बीएलओ को मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ मतदाताओं का मोबाइल नंबर व आधार कार्ड नंबर भी एकत्र करना होगा। प्रत्येक चार दिन में बीएलओ के कार्यों की समीक्षा होगी। इसके अलावा बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न न होने तक बीएलओ के क्षेत्र में किसी तरह का परिवर्तन न किया जाए। साथ ही उनका स्थानांतरण/ समायोजन न किया जाए।
इस नई जिम्मेदारी से शिक्षक खासे परेशान हैं। उन्हें बीएलओ की ड्यूटी रास नहीं आ रही है। खासतौर पर महिला शिक्षक इससे ज्यादा परेशान हैं। ड्यूटी कटवाने के लिए शिक्षक सक्रिय हो गए हैं। इसके लिए अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक के दरवाजे खटखटाए जा रहे हैं। इसके अलावा बीमारी व बच्चों की जिम्मेदारी के प्रमाण भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं।