25 एकड़ में तैयार होगा रेशम का कलस्टर ढाई लाख कोकून का होगा इजाफा, किसानों को मिलेगा रोजगार झांसी। बुंदेलखंड के किसानों का रोजगार का नया जरिया उपलब्ध कराने के लिए रेशम का नया कलस्टर विकसित किया जाना है। इसके लिए मऊरानीपुर में करीब 25 एकड़ जमीन पर प्रस्ताव बनाया गया है। इसके जरिए पांच सौ से अधिक किसान रोजगार हासिल कर सकेंगे। इसकी मदद से यहां रेशम उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी हो सकेगी। रेशम उत्पादन मामले में झांसी सूबे के पहले पांच जनपदों में शुमार होता है। सोनभद्र के बाद बुंदेलखंड में इसका सर्वाधिक उत्पादन होता है। यहां बदनपुर एवं बंगरा में 70-70 एकड़ एवं बबीना के घिसौली गांव में 45 एकड़ में रेशम कीट पालन होता है। यहां कुल मिलाकर करीब 14 लाख कोकून तैयार होते हैं। जिनसे सलाना 1330 किलो रेशम तैयार होता है। यह रेशम धागा बनाने वाली तमाम कंपानियां खरीदती हैं। रेशम उत्पादन से जुड़े अफसरों के मुताबिक बुंदेलखंड की वातावरणीय अनुकूलता को देखते हुए यहां नए कलस्टर प्रस्तावित किया है। इस संबंध में करीब तीन माह पहले प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन, अब ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार मुहैया कराने के अभियान के चलते इस प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने की कवायद तेज हो गई है। नए कलस्टर के लिए मऊरानीपुर के बुखरा गांव में जमीन चिन्हित की गई है। यहां 8 लाख की लागत से अर्जुन के पौधे रोपे जाएंगे। इनके विकसित होने पर करीब ढाई लाख कोकून उत्पादन में इजाफा होगा। इससे पांच सौ से अधिक किसानों को रोजगार मिलने के साथ ही रेशम के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी।