झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय का सातवां स्थापना दिवस समारोह हर्ष उल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने आह्वान किया कि विश्वविद्यालय को अब उत्तम ढांचागत विकास के साथ शिक्षण व शोध के क्षेत्र में नए आयामों के साथ आगे बढ़कर बुंदेलखंड के किसानों की दिशा और दशा बदलने के लिए कार्य करना चाहिए।
कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने भी ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के कृषि विकास में योगदान के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि क्षेत्र में नवोन्मेषी और दूरदर्शिता वाली नई गतिविधियों की जानकारियों को साझा किया। कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की।
बताया कि बुंदेलखंड के खेती, किसानी से जुड़े लोगों का जन कल्याण व उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर कृषि के क्षेत्र में और भी आत्मनिर्भर व सुदृढ़ विकास करने के लिए विश्वविद्यालय तत्पर है। कार्यक्रम में डॉ. एसएस सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. एआर शर्मा, डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. एके पांडेय, डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, डॉ. एसएस कुशवाहा, डॉ. अल्का जैन, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. मनमोहन डोवरयाल, डॉ. गौरव, डॉ. अमित तोमर, डॉ. वैभव सिहं मौजूद रहे।