मछुआरों को बचाने के लिये मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी।
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एरच(झांसी)। नदी में मछली का शिकार करने गए तीन युवक शनिवार की रात को बाढ़ से टापू पर फंस गए। सुबह जागे तो पानी में घिरा देखकर तीनों परेशान हो गए। किसी तरह लोगों को उनके फंसे होने की जानकारी हुई तो उन लोगों ने थानाध्यक्ष को बताया। उन्होंने एसडीएम और सीओ को तीनों के टापू पर फंसने की जानकारी दी। अधिकारियों ने गोताखोरों को किश्ती से उनको निकालने के लिए भेजा। गोताखोर तीनों को सकुशल निकालकर लाए। इस पर सभी ने राहत की सांस ली।
एरच निवासी गोल्डी, मोहित और काशी प्रसाद और सूरज शनिवार की शाम को नदी में मछली मारने के लिए गए थे। रात को शिकार करने के बाद सूरत तो वापस आ गया लेकिन उसके तीन साथी वहीं पर रुक गए। तीनों सुबह उठे तो टापू पर पानी से घिरे हुए थे। किसी तरह आसपास के लोगों को तीनों को टापू पर फंसे होने की जानकारी हुई। उन लोगों ने इसकी जानकारी थाना प्रभारी निरीक्षक देवेश कुमार उपाध्याय को दी। थानाध्यक्ष ने एसडीएम धीरेंद्र प्रताप सिंह और सीओ मनीष चंद्र सोनकर को बताया। इसके बाद दोनों अधिकारी गेदाकबूला के पास टापू पर फंसे लोगों को देखा। एसडीएम ने उच्च अधिकारियों और पीएसी कमांडर को जानकारी दी। नदी में बहाव को देखते हुए उनसे स्टीमर की व्यवस्था करने को कहा गया। अधिकारियों ने गोताखोरों को नाव के साथ भेजा। गोताखोरों ने नाव के सहारे टापू पर पहुंचकर तीनों को साथ में लेकर किनारे आए। तीनों के लौटने पर सभी ने राहत की सांस ली।
एसडीएम ने बताया कि कई प्रांतों में हो रही बारिश से बेतवा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसीलिए नदी के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। लोगों से इस समय मछली का शिकार भी नहीं करने को कहा गया है। बांध से भी पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है।