महरौनी (ललितपुर)। महर्षि दयानंद सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज के तत्वावधान में होलिकोत्सव पर्व एवं शहीदों का बलिदान दिवस वैदिक रीति से मनाया गया।
वैदिक ब्रह्म एवं देव यज्ञ के मुख्य यजमान शिक्षक डीएल यादव रहे। आर्य प्रधान पुरुषोत्तम नारायण आर्य ने कहा कि होली पर्व का मुख्य उद्देश्य सारे मानव समूह का एक रंग में रंग जाना है। अर्थात चारों वर्ण के लोग ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र ऊंच-नीच का भेद भुलाकर आपसी सौहार्द व भाई चारे के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता दें। शिक्षक लखनलाल आर्य ने शहीदे आजम भगत सिंह, सुखदेव व शिवराम हरि राजगुरु को याद किया। उन्होंने कहा कि यह तीनों अपने ढंग के निराले रत्न थे।
भगत सिंह चिंतक और विचारक थे, सुखराम संगठनकर्ता थे और राजगुरु का निशाना अचूक था। उप प्रधान/पार्षद हरप्रसाद प्रजापति ने कहा कि चरित्रवान युवाओं के निर्माण में माता की अहम भूमिका है। दिनेश नायक ने कहा कि आर्य समाज वैदिक सत्य सनातन धर्म की रक्षा करने में तत्पर है। शिक्षक डीएल यादव ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए सभी को अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करना जरूरी है। इस मौके पर भल्लू प्रजापति, रघुवीर दयाल नायक, चंद्रभान सिंह, रविंद्र सिंह सेंगर, दिनेश सिंह, ओम प्रकाश नामदेव, श्रीदेवी नायक, सुमनलता सेन, उमा देवी, रामाबाई, मिथलेश सिंह, जयदेवी शुक्ला, विद्या देवी घोषी उपस्थित रहे। आभार दिनेश नायक ने जताया।