झांसी। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह की धरपकड़ के बावजूद इसकी कालाबाजारी अभी तक नहीं थमी है। मेडिकल के आसपास इंजेक्शन सिंडीकेट अभी भी हावी है। ऊंची कीमत पर यह इंजेक्शन मजबूर लोगों को बेचा जा रहा है हालांकि एसओजी टीम ने मेडिकल के पास केमिस्ट की दुकान में काम करने वाले तीन युवकों को उठाया है। उनसे पूछताछ में सिंडीकेट का खुलासा हो सकता है।
एक मई को एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झांसी में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उनसे पूछताछ में बड़े खेल का खुलासा हुआ था। पुलिस को मालूम चला था कि कई चिकित्सक एवं दवाईयों के स्टाकिस्ट इस इंजेक्शन की कालाबाजारी में शामिल हैं। इनके तार पूरे बुंदेलखंड में फैले हैं। खुद डॉक्टर मरीजों को मुंहमांगी कीमत में यह इंजेक्शन बेच रहे हैं। नर्सिंग होम संचालक एवं डॉक्टरों को सिंडीकेट के माध्यम से लखनऊ, कानपुर, ग्वालियर से इंजेक्शन भेजे जा रहे हैं। इनकी पड़ताल में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीन युवक उठाए गए हैं लेकिन, अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।