फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! रेमडेसिविर की दर्जनों नकली वॉयल अभी भी बाजार में

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। पुलिस ने नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह के सात सदस्यों का पर्दाफाश भले ही कर दिया हो मगर अभी भी कई लोग इस गोरखधंधे में लिप्त हैं। जिले के अफसरों को शासन की तरफ से पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के सख्त आदेश हैं। इस मामले में खुद प्रदेश के मुखिया की नजर है। तब तक लोगों को भी सावधान रहना होगा। इंजेक्शन की दर्जनों नकली वॉयल अभी भी बाजार में हैं। ऐसे में सोच समझकर ही खरीदें।
विज्ञापन

झांसी में रेमडेसिविर की कालाबाजारी और नकली बनाकर बेचने का बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। अमर उजाला लगातार इस सिंडिकेट के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए है। खबरों की गूंज शासन तक पहुंची तो कार्रवाई के सख्त आदेश जिले के अफसरों को दिए गए। अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी भी जताई गई। इसके बाद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह से जुड़े बड़े-बड़े लोगों की गिरेबान तक तो पुलिस के हाथ पहुंच ही नहीं पाए हैं। सूत्रों ने बताया कि रेमडेसिविर फर्जीवाड़े से जुड़े गिरोह के कई सदस्यों ने खाली शीशियों से दर्जनों नकली इंजेक्शन तैयार कर लिए हैं, जो कि अभी भी बाजार में है। गैंग का एक सदस्य पकड़ से बाहर है। जबकि, कई दूसरे लोग अभी भी इंजेक्शन की कालाबाजारी से लेकर नकली इंजेक्शन की सप्लाई के काम में जुटे हुए हैं। ऐसे में लोगों को इंजेक्शन की खरीद करने समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि नकली और असली इंजेक्शन की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल है। असली शीशी में यदि आपको एंटीबायोटिक का घोल भरकर बेच दिया तो समझ ही नहीं पाएंगे। इसलिए सीधे मेडिकल स्टोर से ही जाकर खरीदें। यदि कोई चोरी-छिपे आकर देने की बात करता है, तो सावधान हो जाएं। इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर दें।
नर्सिंगहोम, मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई कब
रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी खूब हो रही है। कुछ नर्सिंगहोम और मेडिकल स्टोर का सिंडिकेट काम कर रहा है। मगर पुलिस के हाथ सिर्फ प्यादों तक पहुंच पाए हैं। चूंकि, शासन इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है, ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही बड़ों पर कार्रवाई हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें