लॉकडाउन के बाद पलायन करते मजदूर (फाइल फोटो)
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एक ओर लॉकडाउन की वजह से पूरा महानगर थमा हुआ है, परंतु ग्वालियर से कानपुर जाने वाले मार्ग पर दिन भर चहलकदमी बनी रहती है। हालांकि, इस सड़क से गुजरने वाले स्थानीय लोग नहीं हैं, बल्कि दिल्ली से पैदल आने वाले मजदूर हैं, जो झांसी से होकर बुंदेलखंड के विभिन्न हिस्सों की ओर जा रहे हैं।
कंपनी मालिकों, ठेकेदारों द्वारा दिल्ली में इन श्रमिकों के लिए सहूलियत उपलब्ध न कराए जाने की वजह से वे पलायन को मजबूर हुए हैं। लेकिन, इससे इतर झांसी के बीडी शर्मा ने एक अलग नजीर पेश की है।
उनके द्वारा देश के अलग अलग हिस्सों में ले जाए गए बुंदेलखंड क्षेत्र के लगभग पांच हजार मजदूरों को वापस नहीं लौटना पड़ा। क्योंकि, मजदूर जहां कार्यरत थे, वहीं उनके लिए आवास, भोजन, स्वास्थ्य जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध करा दी गईं। इतना ही नहीं, एक माह का एडवांस भुगतान भी कर दिया गया।
ओम शांति नगर निवासी महालक्ष्मी इंटरप्राइजेज के निदेशक बीडी शर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी के श्रमिक जिंदल ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में कार्यरत हैं। श्रमिकों की सारी जरूरतों को पूरा कर दिया गया है। इससे उनका पलायन रुक गया है। इसमें कंपनी के प्रबंधक राजशेखरन का भी सहयोग मिल रहा है।