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झांसी में होगा रिलायंस की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

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झांसी। रिलायंस की कोरोना वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल अगस्त से झांसी में शुरू हो जाएगा। सीरो सर्वे के दौरान बुंदेलखंड में दो फीसदी लोगों में एंटीबॉडी न मिलने की वजह से प्रदेश में सिर्फ महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को ट्रायल के लिए चुना गया है। ट्रायल के दौरान 18 से 45 साल के लोगों को ही ये वैक्सीन लगाई जाएगी।
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रिलायंस की वैक्सीन उन्हें ही लगेगी, जिन्होंने अब तक कोरोना का एक भी टीका नहीं लगवाया है। साथ ही वैक्सीन लगाने के पहले व्यक्ति की एंटीबॉडी की जांच होगी। एंटीबॉडी नहीं मिलने पर ही ये टीका लगाया जाएगा। दूसरी डोज 28वें दिन लगेगी। फिर 56वें दिन एंटीबॉडी की जांच कर पता लगाया जाएगा कि ये वैक्सीन वायरस के खिलाफ लड़ने में कितनी कारगर साबित हुई है। अभी इस वैक्सीन का ट्रायल महाराष्ट्र और गुजरात में भी चल रहा है मगर वहां पर सीरो सर्वे के दौरान 0.5 प्रतिशत लोगों में ही एंटीबॉडी नहीं मिली। जबकि, बुंदेलखंड में दो फीसदी लोगों में एंटीबॉडी नहीं पाई गई है। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की अनुमति मिलने के बाद झांसी को रिलायंस की वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल के लिए चुन लिया गया है। बताया गया कि बुंदेलखंड में कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कोरोना का टीका नहीं लगाया है। इसलिए यहां पर वैक्सीन का ट्रायल जल्दी हो सकेगा। अगस्त से मेडिकल कॉलेज के मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर में ट्रायल के तौर पर ये टीका लगाया जाने लगेगा। कॉलेज की एथिकल कमेटी ने इसके लिए मंजूरी दे दी है।
जांच और आने जाने का खर्च कंपनी उठाएगी
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों पर रिलायंस की वैक्सीन का ट्रायल किया जाएगा, उनकी एंटीबॉडी की जांच, आने-जाने का किराए से लेकर स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी होने पर कंपनी खर्च उठाएगी। डॉक्टर भी व्यक्ति के संपर्क में लगातार रहेंगे।
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मंजूरी मिली तो निजी सेंटरों में टीकाकरण होगा तेज
जानकारों के मुताबिक देश में अभी वैक्सीन की सप्लाई और मांग का अनुपात ठीक नहीं है। अगर रिलायंस की वैक्सीन को देश भर में लगाने की मंजूरी मिल जाती है तो निजी सेंटरों पर टीकाकरण तेज होगा। कोवैक्सीन की तरह रिलायंस की वैक्सीन भी भारत में ही तैयार की गई है।
अगस्त से मेडिकल कॉलेज के मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर में रिलायंस की वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो जाएगा। एथिकल कमेटी ने इसकी मंजूरी दे दी है। यूपी में सिर्फ झांसी को ट्रायल के लिए चुना गया है। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
रिलायंस की वैक्सीन में दो तरह के प्रोटीन का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में वायरस का स्वरूप बदलता भी है तो भी वैक्सीन कारगर साबित होने की संभावना है। ट्रायल पूरा होने के बाद पूरा डाटा सामने आएगा। - डॉ. अंशुल जैन, उप प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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