अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। समता हॉस्टल में हुई तोड़फोड़ की जांच के कुलसचिव ने आदेश दिए थे, मगर 24 घंटे बाद भी जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची। संपत्ति विभाग से क्षति का आकलन करने कोई नहीं गया। सूत्रों के अनुसार हॉस्टल में तोड़फोड़ व आग लगाने की घटना के समय निष्कासित किए गए दो छात्र भी मौजूद थे, जिन्हें लार्ड बुद्ध हॉस्टल में तोड़फोड़ करने पर निष्कासित किया गया था।
नवप्रवेशितों का उत्पीड़न करने पर बीयू प्रशासन ने लार्ड बुद्ध हॉस्टल के सीनियर छात्रों को समता हॉस्टल में करीब तीन माह पहले शिफ्ट किया था। शिफ्ट करते समय छात्रों ने जमकर विरोध किया था। यही नहीं तोड़फोड़ भी की गई थी। 25 नवंबर की रात समता हास्टल की छत पर चढ़े छात्रों ने जमकर हंगामा किया था। 27 नवंबर (बृहस्पतिवार) की रात फिर छत पर पहुंचे छात्रों ने सोलर प्लांट तोड़ पानी की टंकियों में आग लगी दी थी। कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने सख्त कदम उठाने के आदेश दिए थे।
कुलसचिव ने प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, प्रो. मुन्ना तिवारी, डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. ममता सिंह व डॉ. मुकुल पस्तोर की टीम गठित कर तुरंत जांच शुरू करने के आदेश दिए थे। हैरानी यह है कि कुलपति व कुलसचिव के आदेश के बावजूद टीम का कोई भी सदस्य जांच करने मौके पर नहीं पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि जिस समय हॉस्टल में तोड़फोड़ व आग लगाने की घटना हुई, उस समय पहले से निष्कासित दो छात्र भी मौजूद थे। चीफ प्राॅक्टर प्रो. आरके सैनी ने बताया कि घटना के समय हॉस्टल में निष्कासित एक छात्र मिला था जबकि एक भाग निकला।