झांसी। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी के कार्यालय पर औचक निरीक्षण को पहुंचे अपर आयुक्त प्रशासन को वहां हाल बेहाल मिला। कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज एक बाहरी व्यक्ति के हाथ में थे, जो उसे पलट कर देख रहा था। अपर आयुक्त प्रशासन ने इसे लिपिक की लापरवाही मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों में परिवहन कार्यालयों की कार्यप्रणाली जांचने के निर्देश दिए थे। इस पर बुधवार की सुबह अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार त्यागी संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। चेकिंग के दौरान सभी कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित मिले। उन्होंने एक काउंटर पर देखा कि बाहरी व्यक्ति दस्तावेज देख रहा था। इस पर उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि लिपिक वरुण भटनागर वर्तमान में रोड टैक्स का काम देख रहा है।
उसके पास वाहनों के फिटनेस संबंधी 40 से 50 प्रमाण पत्र बने रखे थे, लेकिन एक बाहरी व्यक्ति आया और उसने अपना रोड टैक्स प्रमाण पत्र मांगा तो लिपिक ने उसे पूरी फाइल पकड़ा दी। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्ति को इस तरह से दस्तावेजों की फाइल सौंपना उचित नहीं है, क्योंकि इससे दस्तावेजों में हेरफेर हो सकता है। उन्होेंने आरटीओे को लिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों की सही तरीके से पहचान हो सके, इसके लिए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कर्मचारियों के परिचय पत्र बनवाएं और सभी कर्मचारी अनिवार्य रूप से परिचय पत्र गले में टांगकर ही आफिस में आएं। रेडियो टैक्सी योजना के अंतर्गत कार्य सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान कोई भी बाहरी व्यक्ति कार्यालय परिसर में नहीं पाया गया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी जेबी परमार्थी उपस्थित रहे।
साढ़े दस बजे आया फैक्स
परिवहन आयुक्त ने बुधवार की सुबह 10 बजे से 11 बजे तक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस संबंध में 10.30 बजे फैक्स से सूचना आई। फैक्स आने पर मंडलायुक्त कार्यालय में बैठे अपर आयुक्त आनन- फानन में संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे।