झांसी। वाणिज्य कर विभाग की टीम ने शुक्रवार को गोरामछिया स्थित खेतान केमिकल्स फर्म की फैक्ट्री का सर्वे कर स्टॉक ट्रांसफर में करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ ली। टीम ने तीन साल का रिकॉर्ड जब्त करने के उपरांत चालीस करोड़ से अधिक के स्टॉक ट्रांसफर का आंकलन किया है। इधर, शुक्रवार को ही इलाहाबाद वाणिज्य कर टीम ने उक्त कंपनी के फतेहपुर के मलवां स्थित फैक्ट्री का भी सर्वे किया।
कानपुर हाइवे पर गोरामछिया स्थित खेतान केमिकल्स फर्म फैक्ट्री में खाद व अन्य केमिकल बनाए जाते हैं। कंपनी तीन तरह से अपने माल की ब्रिकी करती है। इसमें प्रांतीय बिक्री, केंद्रीय बिक्री व स्टॉक ट्रांसफर शामिल है। कंपनी नियम के तहत प्रांतीय ब्रिकी पर पांच प्रतिशत व केंद्रीय बिक्री पर दो प्रतिशत टैक्स अदा कर ही है। चूंकि, स्टॉक ट्रांसफर में कंपनी अपनी दूसरे राज्यों में स्थित ब्रांचों को माल भेजकर वहां से बिक्री दिखाती है, इस कारण स्टॉक ट्रांसफर में कोई टैक्स नहीं लगता है।
मगर यह कंपनी स्टॉक ट्रांसफर के नाम पर गोरामछिया से दस किलोमीटर दूर स्थित प्रताप पुरा ओरछा मध्य प्रदेश स्थित अपनी ब्रांच में माल की सप्लाई दिखाकर उक्त फैक्ट्री से ही सीधा पार्टियों को माल सप्लाई कर रही थी। बहती भी प्रतापपुरा की ब्रांच से जारी की जा रही थी। इस सूचना पर पहले जोनल कमिश्नर मेवालाल गुप्ता ने स्वयं रेकी (निगरानी) कर व्यापार स्थल को देखा।
शुक्रवार को जोनल कमिश्नर के निर्देश पर चार टीमें गठित कर फैक्ट्री पर भेजी गईं। टीमों के फैक्ट्री पहुंचते ही वहां मौजूद स्टाफ में खलबली मच गई। मौके पर चार गाड़ियां खड़ी पाई गईं, जिनकी बहती प्रतापपुरा से आगे माल जारी होने की बनाई गई थी। पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने प्रोडक्शन, मशीनें, कंप्यूटर रिकॉर्ड आदि देखा। तदुपरांत तीन साल का ट्रांसफर रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया।
सर्वे टीम में (ज्वाइंट कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा) रमेश चंद्र राजपूत, ज्वाइंट कमिश्नर (कारपोरेट) सरिता सिंह, डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार, डिप्टी कमिश्नर अजीत सिंह आदि अफसर शामिल थे।
इस संबंध में जोनल कमिश्नर मेवालाल गुप्ता ने बताया कि तीन साल में कंपनी ने चालीस करोड़ से अधिक का अनुमानित ट्रांसफर स्टॉक दिखाया है। कंपनी से इस राशि पर पांच प्रतिशत टैक्स वसूल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फतेहपुर के मलवां स्थित उक्त कंपनी की ब्रांच में भी इलाहाबाद टीम द्वारा सर्वे किया गया।