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रियल एस्टेट सेक्टर में चमक, 8 महीने में 13 अरब की संपत्तियों की हुई खरीद-फरोख्त

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झांसी। रियल एस्टेट सेक्टर में एक बार फिर से चमक नजर आने लगी है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले आठ महीने में जिले में 13 अरब की संपत्तियों की खरीद - फरोख्त हुई है। इससे सरकार का भी खजाना खूब भरा है। निबंधन विभाग को एक अरब अड़तालीस करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी हासिल हुई है।
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चार साल पहले हुई नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट का कारोबार एकदम धड़ाम हो गया था। बड़े सौदों की तो दूर की बात, लोगों ने छोटे सौदों से भी किनारा कर लिया था। लेकिन, जिले में ये साल इस सेक्टर के लिए बेहतर साबित हुआ है। अप्रैल से लेकर नवंबर माह में जिले में 13 अरब की अचल संपत्तियों की खरीद - फरोख्त हुई है। इससे अस्सी फीसदी से अधिक आवासीय भूमि है। जहां एक ओर एक हजार से लेकर ढाई हजार वर्गफीट तक के प्लॉट खूब बिके हैं, तो वहीं मोहल्लों व कॉलोनियों में लोगों ने मकान खरीदने में भी रुचि खूब दिखाई है। 800 से 1200 रुपये वर्गफीट तक की आवासीय संपत्तियां खूब बिक रही हैं। इसके अलावा व्यावसायिक अचल संपत्तियों के सौदों में भी तेजी आई है। रियल एस्टेट कारोबार में आई चमक का फायदा निबंधन विभाग को भी हुआ है। विभाग को आठ माह के भीतर एक अरब अड़तालीस करोड़ रुपये का राजस्व हासिल हुआ है।
महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट
झांसी। निबंधन विभाग द्वारा स्टांप ड्यूटी जमीन की सरकार द्वारा तय की गई कीमत (सर्किल रेट) के अनुसार वसूली जाती है। नगर निगम की सीमा के भीतर सर्किल रेट पर सात प्रतिशत स्टांप ड्यूटी ली जाती है। जबकि, इससे बाहर के इलाकों में पांच प्रतिशत स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है। दस लाख रुपये कीमत तक के सौदों में महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में एक फीसदी की छूट दी जाती है।
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पूर्व के वर्षों की तुलना में इस साल संपत्तियों की खरीद - फरोख्त में तेजी आई है। हालांकि, कोरोना की वजह से वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में कारोबार सुस्त रहा था, लेकिन इसके बाद तेजी पकड़ गया। इस वित्तीय वर्ष में अब तक जिले में लगभग तेरह अरब की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त हो चुकी है। इससे एक अरब अड़तालीस करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी मिली है। - एके पासवान, उप महानिरीक्षक निबंधन
पिछले एक साल से रियल एस्टेट कारोबार में उछाल है। आठ सौ से बारह सौ रुपये प्रति वर्गफीट कीमत के प्लाट खूब बिक रहे हैं। बने बनाए आवास भी पसंद किए जा रहे हैं। मध्यम वर्ग छोटी संपत्तियों की खरीद में रुचि दिखा रहा है। - अभिषेक भार्गव, बिल्डर
पहले की तुलना में कारोबार बेहतर स्थिति में है। संपत्तियों की खरीद में लोगों का रुझान बढ़ा है। लेकिन, अब लोग निवेश की दृष्टि से प्लाट, मकान नहीं खरीद रहे हैं। बल्कि अपनी जरूरत के हिसाब से संपत्ति की खरीद कर रहे हैं। - विक्की गुप्ता, बिल्डर
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रियल एस्टेट कारोबार में मंदी आने की वजह से स्टांप बिक्री भी रसातल पर आ गई थी। लेकिन, अब एक बार फिर से संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में तेजी देखने को मिल रही है, जिससे स्टांपों की बिक्री में भी तेजी से इजाफा हुआ है। - संदीप शर्मा, स्टांप विक्रेता
संपत्तियों की खरीद - फरोख्त गिरने की वजह से स्टांपों की बिक्री भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। लेकिन, रियल एस्टेट में तेजी आने से कारोबार बेहतर स्थिति में आ गया है। आने वाले दिनों में कारोबार में और उछाल के आसार हैं। - विनोद शर्मा, अध्यक्ष - स्टांप वेंडर एसोसिएशन
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