झांसी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की दरें बढ़ने के बाद पिछले छह महीने में 20 फीसदी निजी अस्पतालों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, तीन नर्सिंगहोमों का आवेदन अभी लंबित हैं।
इस योजना की शुरूआत करीब छह साल पहले हुई थी। तब से जून 2022 तक झांसी में करीब 29 निजी अस्पतालों का पंजीकरण था। कुछ महीनों पहले ही शासन से आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की दरों को बढ़ा दिया। रीढ़ की हड्डी की सर्जरी में जहां 31 हजार, स्थायी पेस मेकर डालने व पित्त की थैली निकालने में 14-14 हजार, सर्जरी करके गुर्दे का स्टोन निकालने में साढ़े तेरह हजार रुपये का पैकेज में इजाफा किया गया है। इलाज की दरें बढ़ने से योजना से जुड़ने के लिए नर्सिंगहोम भी आगे आने लगे। नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि योजना के तहत पिछले छह महीने में छह निजी अस्पतालों का पंजीकरण हो चुका है। तीन नर्सिंगहोमों के आवेदन के बाद जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि अगर कोई पंजीकृत नर्सिंगहोम योजना के पात्र मरीज का इलाज करने से इंकार करता है या फिर पैसे की मांगता है तो सीएमओ कार्यालय में आकर शिकायत करें।
उपचार पहले अब
सर्जरी करके गुर्दे का स्टोन निकालने 35,000 52700
सर्जरी करके यूरेटर का स्टोन निकालना 28,000 42,500
यूरेटर की पथरी निकालने के बाद स्टंट डालाना 5,000 7,500
पित्त की थैली निकालना 22,800 36,400
आंत फटने या मवाद निकालने के लिए सर्जरी 10,000 13,800
एंजियोप्लास्टी 40,600 57,700
अस्थायी पेस मेकर डालना 19,200 27,300
स्थायी पेस मेकर डालना (सिंगल चैंबर) 24,500 34,800
रीढ़ की हड्डी की सर्जरी 40,000 71,000