संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जारी विधायक निधि से विकास कार्य करवाने में जिले के विधायक कंजूसी बरत रहे हैं। मऊरानीपुर विधायक रश्मि आर्य व शिक्षक विधायक बाबूलाल तिवारी जहां खर्च के मामले में आगे रहे, वहीं गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत और एमएलसी रामतीर्थ सिंघल पीछे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विधायक निधि की प्रथम किस्त 2.5 करोड़ रुपये जारी कर दी गई है। झांसी और संबंधित क्षेत्र में विकास कार्य के लिए कुल 17.50 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है।
प्रत्येक विधायक को हर साल शासन से 5 करोड़ रुपये अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्याें पर खर्च करने के लिए निधि के रूप में दिए जाते हैं। यह राशि दो किस्तों 2.5-2.5 करोड़ रुपये में दी जाती है। विधायक यदि उस वित्त वर्ष में निधि खर्च नहीं कर पाते हैं तो बची हुई राशि को अगले वित्त वर्ष में जोड़ दिया जाता है। हालांकि, 5 वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बची हुई निधि को समाप्त कर दिया जाता है। इसके बावजूद, जिले के विधायकों ने इसे खर्च करने में ज्यादा तत्परता नहीं दिखाई है।
दरअसल, निधि को खर्च करने के लिए विधायकों को प्रस्ताव बनाकर परियोजना निदेशक कार्यालय में भेजना होता है। इसके बाद उन प्रस्तावों को स्वीकृत कर कार्य कराए जाते हैं। प्रस्ताव के आधार पर निधि से बजट खर्च किया जाता है। इस वित्त वर्ष से विधायक निधि को ऑनलाइन कर दिया गया है। प्रस्ताव से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था भी ऑनलाइन हो गई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त विधायक निधि से विधायकों की ओर से दिए गए प्रस्तावों को स्वीकृत करते हुए कार्य कराए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में विधायक निधि के 5 करोड़ के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 2.5 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। विधायकों की ओर से विकास कार्य से जुड़े प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। - राजेश कुमार, परियोजना निदेशक, डीआरडीए झांसी