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अरबन कोऑपरेटिव बैंक में बढ़ी रार, अध्यक्ष और सचिव आमने-सामने

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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष और सचिव के बीच चल रही रार अब खुलकर सामने आ गई है। अध्यक्ष ने सचिव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है, जबकि सचिव ने अध्यक्ष पर मनमानी करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दोनों की ओर से शिकायतें भी की गईं हैं। मामला पुलिस तक भी पहुंच गया है।
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अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह यादव ने जिलाधिकारी से की शिकायत में बताया कि 15 जुलाई को हुई संचालक मंडल की बैठक में सचिव को अनियमितताओं के चलते निलंबित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसकी भनक लगते ही सचिव ने कार्यवाही रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया था। रजिस्टर मांगने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा आरोप लगाया कि बैंक के एक कैशियर को जुलाई 2020 में रिटायर होना था, परंतु सचिव उनसे अब भी काम ले रहे हैं। साथ ही सचिव ने अपनी पुत्री के नाम से बैंक में एफडीआर बनवाई, जिस पर निर्धारित ब्याज दर से एक प्रतिशत ज्यादा अंकित की गई। जबकि, एक प्रतिशत अधिक ब्याज बैंक में कार्यरत कर्मचारी की स्वयं की एफडीआर पर ही देने का नियम है। इसके अलावा पूर्व सचिव के कार्यकाल की 46 पत्रावलियों को सामने न लाने समेत अन्य आरोप भी लगाए।
वहीं, सचिव विनोद कुमार रिछारिया ने अध्यक्ष की सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक से शिकायत की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए कार्यों को संपादित करने का मौखिक आदेश देते हैं, जिनका पालन न करने पर निलंबन की धमकी दी जाती है। उन्होंने 18 जुलाई को कार्यवाही पुस्तिका जबरन छीन ली तथा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। अध्यक्ष के रवैये से बैंक का कार्य और साख प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सचिव ने कोतवाली में भी शिकायत की, जिसमें उन्होंने अध्यक्ष पर मीटिंग रजिस्टर छीनने व गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
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आरोपों की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है, जिसमें सारे तथ्य सामने लाए जाएंगे। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- उदयभान सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारिता
बैंक के सचिव द्वारा लगातार अनियमितताएं की जा रही हैं। उनके द्वारा लगातार नियम विरुद्ध कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। उन पर पत्रावलियों को गायब करने, निर्धारित ग्रेड से अधिक वेतन लेने समेत अन्य गंभीर आरोप हैं। विभागीय स्तर पर भी संचालक मंडल को सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है।
- डा. वीरेंद्र सिंह यादव, अध्यक्ष - रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोऑपरेटिव बैंक
अध्यक्ष द्वारा स्वयं के स्वार्थ सिद्ध करने के लिए जबरन अनैतिक कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके चलते उनके द्वारा अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। बेटी की एफडी पर एक प्रतिशत ज्यादा ब्याज बैंक के एक कर्मचारी की गलती से दर्ज हो गया था, जानकारी होने पर इसे छोड़ दिया। अध्यक्ष ने गाली-गलौज करते हुए धमकाया भी है। इसकी शिकायत पुलिस से भी की गई है।
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- विनोद कुमार रिछारिया, सचिव - रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोऑपरेटिव बैंक
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