फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोने नहीं देती बेटी की चीखें...

विज्ञापन
विज्ञापन
थाना नवाबाद क्षेत्र में एक तीन वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है। बच्ची की मां घटना के बाद से ही सदमे में हैं। बार-बार रोते कह रही हैं कि अगर जल्द ही बेटी के हत्यारों को फांसी नहीं मिली तो वह खुद भी मर जाएंगी। बेटी की चीखें मां व पिता को सोने नहीं दे रहीं। दोनों ने हत्यारों को जल्द फांसी देने की मांग उठाई है।
विज्ञापन

नवाबाद थाना इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति की तीन वर्षीय पुत्री को दो आरोपी छोटू कुशवाहा व नत्थू कुशवाहा उठा कर ले गए थे। दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर शव को नारायण बाग स्थित झाड़ियों में फेंककर भाग गए थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद 8 नवंबर को शव बरामद किया था। मौके से पुलिस को आधा शव ही मिला था। इस घटना को करीब एक सप्ताह बीतने को है, लेकिन आज तक पुलिस बच्ची का आधा शव बरामद नहीं कर सकी। परिजन भी लगातार पुलिस से आधा शव बरामद करने की मांग भी उठा रहे हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया है। खासकर, बच्ची की मां व पिता की रातों की नींद उड़ चुकी है।
परिजनों का कहना है कि हत्यारों को फांसी होना चाहिए। बृहस्पतिवार को बच्ची के मां, पिता व रिश्तेदारों ने जिलाधिकारी के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। सभी ने कहा कि पुलिस ने दो हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन एक आरोपी का कोई पता नहीं है। उस पर अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। सभी ने कहा कि मुकदमे को तीन माह के भीतर निस्तारित कर दोषियों को फांसी की सजा दिलर्वाई जाए, ताकि आगे कोई इस तरह की घटना को अंजाम न दे सके। बच्ची की मां ने कहा कि यदि जल्द ही हत्यारों को फांसी नहीं मिली तो वह जिंदा नहीं रहेगीं, अपनी जान दे देंगीं। वहीं, परिजनों ने न्याय के लिए नेताओं से भी मुलाकात की।
विज्ञापन

परिजन भी मिले विश्वविद्यालय के छात्रों से
न्याय पाने के लिए परिजनों ने विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों से संपर्क साधा है। जहां छात्रों ने उनकी मदद करने का भरोसा भी दिलाया है। बृहस्पतिवार को मुलाकात के बाद छात्रों ने अपने साथियों को बुलाकर मीटिंग की। इसके बाद कई छात्र व छात्राओं ने मिलकर भरोसा दिलाया है कि वह चिंता न करें, छात्र उनके साथ हैं। इस प्रकरण में छात्र भी भी मदद के लिए आगे आने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें