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दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग मां ने भी तोड़ा दम

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झांसी। थाना एरच क्षेत्र में दुष्कर्म का शिकार बनी एक नाबालिग की भी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके पहले नवजात ने दम तोड़ दिया था। नाबालिग के साथ रिश्ते के ताऊ ने कई दिनों तक दुष्कर्म किया था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था।
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थाना एरच क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली बालिका अपनी मां व छोटे-भाई बहन के साथ रहती थी। पीड़िता की मां मजदूरी करती है। रिश्ते का ताऊ जयकरन भी घर आता था। डरा धमकाकर ताऊ भतीजी के साथ दुष्कर्म करता रहा। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। 20 नवंबर को बालिका की हालत बिगड़ने पर परिजन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाए। यहां बालिका ने बच्ची को जन्म दिया। बीस नवंबर को ही बच्ची की मौत हो गई थी। नाबालिग मां की हालत नाजुक बनी रही। शुक्रवार को उपचार के दौरान मां ने भी दम तोड़ दिया। खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। इस मा मले मे में पुलिस जयकरन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
मदद के बहाने कलंकित कर दिया रिश्ता
बचपन में ही बालिका के पिता की मौत के बाद से मां ने ही बच्चोें को पाला। बच्चे बड़े होने के बाद रिश्ते के ताऊ जयकरन ने मदद का नाटक किया। घर आने जानेे के बाद उसने बालिका पर नीयत खराब कर ली। बालिका बोल नहीं पाती थी। ऐसे में वह विरोध भी नहीं कर सकी। गर्भवती होने के जानकारी मिलते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि, जिस ताऊ पर वह भरोसा करती थी वह रिश्तों को कलंकित करेेगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
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संस्था कर रही मदद
जानकारी मिलते ही जनसाहस संस्था के कोआर्डिनेटर मुकेश कुमार व कार्यकर्ता गीता देवी भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थीं। 20 नवंबर से ही संस्था के पदाधिकारी परिजनों की सेवा में लगे रहे। खाना खिलाने से लेकर उनके ठहरने का इंतजाम भी किया गया। शुक्रवार को बालिका की मौत के बाद भी पदाधिकारी पोस्टमार्टम कराने में लगे रहे। कोआर्डिनेटर मुकेश ने बताया कि संस्था आगे भी मां व बच्चों का ख्याल रखेगी।
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