झांसी। स्टॉफ नर्स के साथ दुष्कर्म के आरोप में आखिरकार सात महीने बाद जूनियर डॉक्टर समेत उसके सहकर्मी के खिलाफ नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज हो गई। स्टॉफ नर्स ने दोनों पर धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी तैनाती इन दिनों वह मेडिकल कॉलेज में तैनात है। जून 2019 में उसकी मुलाकात डा.मधूसुदन निवासी जेआर-3, इंटरनल मेडिसन, मेडिकल कॉलेज से हुई। सहकर्मी होने के नाते कुछ ही समय में दोनों के बीच प्रगाढ़ता हो गई। इसी दौरान डा.मधुसूदन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसे जल्द प्रमोशन दिलाने का वायदा किया। पीड़िता के मुताबिक डा.मधुसूदन के झांसे में वह आ गई। इस दौरान डा.मधुसूदन ने स्टॉफ नर्स मोहन प्रसाद की मदद से उसे अपने कमरे में बुलाया। उसी दौरान उसने पचास हजार रुपये की मांग की। प्रमोशन के लालच में आकर उसने यह रकम भी डा.मधुसूदन को दे दी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपी ने उसकी अश्लील तस्वीरे भी खींच ली और परिजनों को भेज देने के नाम पर ब्लैकमेल करने लगा। कई बार उसने तस्वीरें मांगी, जिसके बदले में आरोपी जान से मार देने की धमकी देने लगा। आखिरकार परेशान होकर वह नवबंर 2020 में पुलिस के पास पहुंची लेकिन, जांच के नाम पर पुलिस मामले को दबाए रखी। आखिरकार सात महीने बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। नवाबाद इंस्पेक्टर के मुताबिक स्टाफ नर्स की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।