झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और झांसी के राजा गंगाधर राव की शादी की सालगिरह में उनके वंशज भी शामिल होंगे। आयोजन कमेटी की उनका भव्य स्वागत करने की तैयारी है।
19 मई को रानी की शादी की 175वीं वर्षगांठ है। इस अवसर पर महाराष्ट्र गणेश मंदिर कमेटी के तत्वावधान में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कमेटी की ओर से रानी के दत्तक पुत्र दामोदर राव के प्रपौत्र अरुण राव को आमंत्रित किया गया था। इसकी उन्होंने सहमति दे दी है। 19 मई की सुबह अरुण राव के साथ उनके पुत्र योगेश और पुत्र वधू प्रीति भी नागपुर से झांसी आएंगी। नागपुर में अरुण राव के पुत्र योगेश इंजीनियर हैं। जबकि, अरुण राव मध्य प्रदेश इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड से असिस्टेंट इंजीनियर पद से रिटायर हैं। आयोजन कमेटी द्वारा रानी के वंशजों का स्टेशन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद उन्हें गणेश मंदिर लाया जाएगा, जहां वह रानी की शादी की सालगिरह के समारोह में शामिल होंगे।
दामोदर को अंग्रेजों ने नहीं माना था उत्तराधिकारी
19 नवंबर 1853 को राजा गंगाधर राव और रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी के उत्तराधिकारी के रूप में पांच वर्षीय बालक आनंद राव को गोद लिया था, जिसे बाद में दामोदर राव के नाम से पहचाना गया। लेकिन, अंग्रेजों ने दामोदर राव को झांसी का उत्तराधिकारी मानने से इंकार कर दिया था। सन 1857 के युद्ध के दौरान रानी लक्ष्मीबाई बालक दामोदर राव को अपनी पीठ पर बांधे रहीं थीं। रानी के वीरगति प्राप्त होने के बाद उनके विश्वासपात्र दामोदर राव को किसी तरह अंग्रेजों से बचाते हुए इंदौर ले गए थे। यहां उन्हें शरण मिली थी। लंबी लिखा पढ़ी के बाद अंग्रेज हुकूमत ने सन 1860 से दामोदर राव को प्रतिमाह दो सौ रुपये पेंशन देना शुरू की थी। शेष जीवन उनका इंदौर में ही बीता। उन्हें फोटोग्राफी और चित्रकारी का शौक था। उन्होंने अपनी यादों के झरोखों से रानी के कई चित्र बनाए। दामोदर राव की आगे की पीढ़ियों का जीवन अभाव में ही गुजरा।
तीन दिवसीय होगा आयोजन
रानी की शादी की 175वीं वर्षगांठ पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मंगलवार को गणेश मंदिर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम के मुख्य संयोजक गजानन खानवलकर और मनमोहन गेड़ा ने बताया कि 18 मई को सुबह नौ बजे गणेश मंदिर में ‘दुल्हन वेश में रानी’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता होगी। शाम को सात बजे मेहंदी रस्म और संगीत संध्या आयोजित की जाएगी। 19 मई को शाम चार बजे लक्ष्मी व्यायाम मंदिर से राजा गंगाधर राव की बारात शहर भ्रमण के लिए निकलेगी। शाम छह बजे बारात गणेश मंदिर पहुंचेंगी। यहां प्रतीकात्मक विवाहोत्सव होगा। रात में संगीत समारोह होगा। अगले दिन सुबह संगीत समारोह का द्वितीय सत्र होगा। ग्यारह बजे रानी झांसी पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता होगी। इसमें केवल वयस्क हिस्सा ले सकेंगे। शाम छह बजे संगीत समारोह का समापन होगा।