झांसी। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 19 मई को शादी की 178वीं वर्षगांठ है। पिछले कई सालों से रानी की शादी की सालगिरह झांसी में धूमधाम से मनाई जा रही थी, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से आयोजन नहीं होने जा रहा है। लेकिन, झांसी के इतिहास के इस महत्वपूर्ण दिन को अमर उजाला के साथ यादगार मनाइये। जी हां, आप अपने घर में रानी की शादी की सालगिरह मनाइये और फोटो हमें भेजिये, रानी के प्रति आपके अटूट प्रेम की इस भावना को हम 20 मई के अंक में फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे। तो फिर देर किस बात की है, हो जाइये तैयार, अमर उजाला के साथ रानी की शादी की सालगिरह मनाने को।
19 मई 1842 झांसी के इतिहास की महत्वपूर्ण तारीखों में से एक है। ये वही दिन है जब बिठूर की कन्या झांसी की रानी लक्ष्मीबाई बनी थी। जी हां, इसी दिन मनु का विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ हुआ था और मनु को नया नाम रानी लक्ष्मीबाई मिला था। कालांतर में झांसी की रानी पूरे विश्व में नारी गौरव का प्रतीक बनीं। रानी की शादी पानी वाली धर्मशाला के निकट स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में हुई थी। वर्ष 2016 से हर साल गणेश मंदिर में धूमधाम से रानी की शादी की सालगिरह मनाई जा रही है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं। लेकिन, इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से ये आयोजन नहीं होने जा रहा है। बेहतर होगा कि इस बार अपने घरों में बैठकर रानी की शादी की सालगिरह मनाएं और फोटो अमर उजाला को इस नंबर 9415183605 पर उपलब्ध कराएं। इन तस्वीरों को हम 20 मई के अंक में प्रकाशित करेंगे।