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रॉयल सिटी में जन्मोत्सव की होगी धूम, बच्चों को सुनाई जाएगी रानी की गौरवगाथा

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झांसी। गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत की आजादी के संघर्ष की महत्वपूर्ण तारीखों में से एक 19 नवंबर है। इसी दिन स्वराज की खातिर अंग्रेजों के विरुद्ध शुरू हुए संग्राम की प्रथम दीपशिखा महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म हुआ था। 1857 के संग्राम में ये नाम पूरी दुनिया में नारी अस्मिता का प्रतीक बनकर उभरा था। हर बार की तरह इस साल भी ‘अमर उजाला’ के साथ पूरा झांसी रानी का जन्मोत्सव भव्यता के साथ मनाने जा रहा है। इसे लेकर हर कोई उत्साहित है।
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नवंबर में झांसी वाले दो दीपावली मनाएंगे। 14 नवंबर के बाद 19 नवंबर को महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मोत्सव पर शहर जगमगाएगा। महानगर की तंग गलियों से लेकर पॉश कॉलोनियां तक में रानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। रानी की जयंती पर होने वाले आयोजन का हिस्सा जन सामान्य के लोगों के अलावा विभिन्न संगठन बनते जा रहे हैं। आवासीय समितियां भी लगातार आगे आ रही हैं। इसी कड़ी में शिवपुरी रोड स्थित श्री रॉयल सिटी में वीरांगना का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। कॉलोनी के हर घर के बाहर रानी की स्मृति में दीप जलाए जाएंगे और कॉलोनी की बहुमंजिली इमारतों पर रंगबिरंगी विद्युत छठा बिखेरी जाएगी। तो देर किस बात की है, आप भी हो जाइये तैयार, अपनी रानी का जन्मोत्सव मनाने के लिए...।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का जन्मदिन झांसी वालों के लिए किसी महापर्व से कम नहीं है। इस दिन कॉलोनी में दीपावली जैसी रौनक बिखेरी जाएगी। घर-घर दीप जलाए जाएंगे और सामूहिक दीपांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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- संजय सिंह
रानी के जन्मोत्सव को लेकर सभी उत्साहित हैं। कॉलोनी के मुख्य द्वार से लेकर हर घर के दरवाजे पर दीप और मोमबत्तियां जलाई जाएंगी। इतना ही नहीं, अन्य विभिन्न आयोजनों के जरिये बच्चों को रानी की गौरवगाथा बताई जाएगी।
- विनीत साहनी
रानी से ही झांसी की पहचान है। रानी का नाम झांसी के प्रत्येक व्यक्ति को पूरी दुनिया में गौरव का अहसास कराता है। उनका जन्मोत्सव पूरी भव्यता से मनाया जाएगा। कॉलोनी में होने वाले आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाने लगी है।
- अरुण सचान
देश के कोने - कोने में झांसी किसी की पहचान का मोहताज नहीं है। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की गौरवगाथा की वजह से ही झांसी को जाना जाता है। उनका जन्मोत्सव पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। कॉलोनी के सभी लोग इसमें सहभागी होंगे।
- अजय दुबे
झांसी के लिए वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती किसी राष्ट्रीय पर्व से कम नहीं है। जयंती पर होने वाले आयोजन का हिस्सा झांसी के प्रत्येक नागरिक को बनना चाहिए। आज की पीढ़ी को रानी की गौरवगाथा के बारे में बताया जाना चाहिए।
- सीबी राय
क्रांति की धरती है झांसी। रानी की अगुवाई में इसी पावन धरा से अंग्रेजों के विरुद्ध संग्राम का बिगुल फूंका गया था। रानी का जन्मोत्सव हम सभी के लिए बेहद खास दिवस है। इस खास दिन को हम सब खास अंदाज में ही मनाएंगे।
- पीके भटनागर
रानी के जन्मोत्सव को लेकर बच्चे - बड़े सभी उत्साहित हैं। 19 नवंबर को दीपावली की तरह पूरी कॉलोनी जगमगाएगी। घर - घर दीप जलेंगे और रंगबिरंगी विद्युत छठा बिखेरी जाएगी। सभी जन रानी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
- राजेश यादव
रानी लक्ष्मीबाई का नाम पूरी दुनिया में नारी अस्मिता का प्रतीक है। संसाधन सीमित थे, बावजूद रानी ने स्वराज्य की खातिर अंग्रेजों से लोहा लिया था और अपने प्र्राणों की आहुति दे दी थी। यही वजह है कि सभी रानी का जन्मोत्सव मनाने को आतुर हैं।
- राकेश श्रीवास्तव
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से युद्ध भले ही झांसी के लिए लड़ा था, लेकिन इस संग्राम से स्वतंत्रता का संदेश पूरे देश में गया था। रानी के जन्मोत्सव पर पूरी श्रद्धा के साथ उन्हें याद किया जाएगा। दीप जलाकर दीपांजलि दी जाएगी।
- योगेश शर्मा
रानी ने पूरे देश को आजादी के लिए संघर्ष का रास्ता दिखाया था। 1857 में रानी की अगुवाई में आजादी लिए छेड़ा गया संग्राम 1947 में स्वतंत्रता के साथ पूरा हुआ था। स्वतंत्रता दिवस की तरह 19 नवंबर की तारीख भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
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- उदय केलकर
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