झांसी। 16 साल पुराने मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अभिनेत्री राखी सावंत ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर फिर रील अपलोड कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहां की लक्ष्मण की मां सावित्री की मौत हो चुकी उसके बावजूद इस मामले को दोबारा से उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि कॉकरोच पार्टी और विद्यार्थियों का समर्थन करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
राखी ने कहा कि 2010 के मामले की जांच कर ली जाए, क्योंकि संबंधित चैनल और शो बंद हो चुके हैं।
राखी के मुताबिक, युवक को बुखार था और डॉक्टर ने अदालत को प्रमाणपत्र दिया था। उन्होंने दोहराया कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
राखी ने रील में कहा कि वह संबंधित युवक को जानती तक नहीं हैं। ‘राखी का इंसाफ’ कार्यक्रम में चैनल की ओर से जो कहने के लिए कहा गया, उन्होंने वही कहा था। उन्होंने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई को कॉकरोच पार्टी और विद्यार्थियों के समर्थन से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसी वजह से पुराने मामले को फिर से उठाया जा रहा है।
पत्नी से विवाद के बाद शो में पहुंचा था लक्ष्मण
मामला वर्ष 2010 में प्रसारित टीवी कार्यक्रम ‘राखी का इंसाफ’ से जुड़ा है। झांसी के प्रेमनगर क्षेत्र के निवासी लक्ष्मण अहिरवार अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद सुलझाने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कार्यक्रम में राखी ने लक्ष्मण के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद 10 नवंबर 2010 को लक्ष्मण की मौत हो गई। उनकी मां सावित्री देवी ने प्रेमनगर थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कार्यक्रम में बेटे को अपमानित किए जाने के कारण उसने आत्महत्या की। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।अदालत के सामने हाजिर न होने की वजह से 16 अक्टूबर को राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर एक दिसंबर को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्ष्मण की मां की पांच माह पहले हो गई मौत
लक्ष्मण की मां सावित्री की पांच माह पहले मौत हो चुकी है उसके भाई बलवीर के मुताबिक उनकी बहन सावित्री ने इंसाफ की खातिर मामला दर्ज कराया था लेकिन राखी सावंत ने हाईकोर्ट से स्टे करा दिया। परिवार ने पैरवी कर स्टे हटवाया। लक्ष्मण की पत्नी अनीता ने भी दूसरी जगह शादी कर ली।
बलवीर ने कहा कि 16 साल बीतने के बाद भी परिवार को इंसाफ नहीं मिला है। अब दोबारा न्याय की उम्मीद जगी है और उन्हें अदालत से इंसाफ मिलने की आस है।