झांसी। बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाईयों की कलाइयों पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख संपन्नता की कामना की। भाईयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनसे आशीर्वाद लिया और उन्हें जीवन भर रक्षा करने का वचन दिया। इस दौरान सुबह से ही बाजारों में रौनक रही। मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई।
सावन की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले पर्व रक्षाबंधन को लेकर सुबह से घरों में विशेष उत्साह रहा। सुबह पूजन के बाद शुभ मुहूर्त में महिलाओं व लड़कियों ने अपने-अपने भाईयोें का तिलक कर उनको राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। भाई की लंबी उम्र और संपन्नता की कामना भी की। भाईयों में भी तरह-तरह के उपहार देकर बहनों को खुश कर दिया। उन्हें जीवन भर रक्षा करने का वचन भी दिया। विभिन्न समाजसेवी संगठनों ने भी अपने-अपने तरीके से पर्व मनाया। अखिल भारतीय जन उत्थान संस्थान के सदस्यों ने जिला कारागार में कैदियों की कलाई पर राखी बांधी। भाई को राखी बांधने के लिए कारागार गेट पर शाम तक बहनों की लंबी लाइन लगी रही। इस मौके पर जेल अधीक्षक अवधेश कुमार मिश्रा, शशि यादव, लक्ष्मी देवी, त्रिवेणी देवी, लता देवी कुशवाहा, अध्यक्ष पंकज नारायण गोस्वामी, मातादीन झा आदि मौजूद रहे। सारथी सामाजिक संस्थान की वंदना गुप्ता, पूजा गुप्ता, जयदेवी साहू, राधा आदि ने सर्वनगर में लगे वृक्षों को राखी बांधी और उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
जमकर बिकी खुली मिठाई
रक्षा बंधन पर खुली मिठाइयोें की मांग अधिक रही। लोगों ने कंपनियों की पैकिंग मिठाइयों को ज्यादा तरजीह नहीं दी। इसके अलावा चाकलेट भी खूब बिकी। महानगर क ी गलियों व बाजारों में रंगबिरंगी मिठाइयों के स्टाल जगह जगह लगे रहे। पूरे दिन लोग दुकानों पर मिठाई खरीदने के लिए जुटे रहे। पैकिंग में सोन पपड़ी की बिक्री अधिक हुई। बंगाली मिठाई 240 , रसगुल्ला 200, बेसन के लड्डू 140 रुपये किलो बिके। वहीं, पैकिंग मिठाई 200 से 210 और 220 रु पये किलो तक में बिकी। पर्व अवसर पर अधिकांश मिठाई की दुकानों से चांदी का वर्क लगी मिठाइयां गायब मिलीं।
बसें व सवारी गाड़ियां रही फुल
रक्षाबंधन पर रोडवेज की बसें ठसाठस भर कर चलीं। इसके अलावा तिपहिया वाहनों एवं अन्य सवारी गाड़ियों की चांदी रही। सुबह से ही महानगर के बस स्टैंड और जेल चौराहा से गंतव्य स्थलों पर जाने के लिए भारी संख्या में यात्री उमड़ने लगे। जिसका क्रम देर शाम तक चलता रहा।