फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजपूत कॉलोनी: हैंडपंप से नहीं निकल रहा पानी

Fri, 07 Apr 2017 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
water crisis - फोटो : demo
विज्ञापन
शिवाजी नगर क्षेत्र स्थित राजपूत कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में भारी जल संकट है। जल स्तर गिरने से यहां लगे हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। मजबूरी में लोगों को किराए के टैंकर से पानी मंगाना पड़ रहा है। परेशान लोग कई बार जल निगम के अधिकारियों का घेराव व सड़क पर जाम तक लगा चुके हैं। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
विज्ञापन

पिछले 25 साल में राजपूत कॉलोनी में महानगर की पूर्ण विकसित कॉलोनी बन चुकी है। इस क्षेत्र में पांच सौ से अधिक परिवार रहते हैं। सभी परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस क्षेत्र में आज तक पाइपलाइन नहीं डाली जा सकी है। ऐसा कोई घर नहीं, जिसके मालिक ने अपने घर में एक या दो बार बोरिंग न कराई हो। ढाई सौ से तीन सौ फीट तक  बोरिंग कराने में पानी की जगह मिट्टी ही निकली। कुछ घरों में थोड़ा बहुत पानी निकला भी, लेकिन गर्मियों में वो भी साथ छोड़ देता है। कॉलोनी के लोग पैसे से पानी खरीदने या एक किलोमीटर दूर अंजनी माता मंदिर के पास लगे सरकारी नल से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र में लगे सभी हैंडपंप भी धोखा दे चुके हैं।
15 अप्रैल से भेजेंगे टैंकर
पेयजल महायोजना पूरी होने तक राजपूत कॉलोनी की समस्या के लिए वैकल्पिक उपायों पर काम चल रहा है। साथ ही 15 अप्रैल से टैंकरों से पानी भेजने का काम शुरू हो जाएगा। - राघवेंदु, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
विज्ञापन


पांच सौ रुपये में खरीदा पानी से भरा टैंकर
पानी भरने की उम्र नहीं रही। मुझे पांच सौ रुपये देकर पानी का टैंकर मंगाना पड़ता है। मेरे घर पर ही नहीं कालोनी के अधिकांश परिवार पानी खरीद कर ही गुजारा कर रहे हैं। - हाजी मुर्तजा
पानी खरीदा तब बन पाया मकान
मकान बनाने से पहले तीन बार बोरिंग कराई, लेकिन पानी नहीं निकला। इसके बाद पानी खरीदकर पूरा मकान बनाया। मेरे घर के बाहर सरकारी हैंडपंप भी लगा है, लेकिन वह भी सूखा पड़ा है। - सरोज देवी
पानी के लिए घर में होती है कलह
मेरे घर में पानी भरने के लिए आए दिन कलह होती है। पानी की समस्या का विकल्प भी पास में नहीं है। इस समस्या ने मेरा जीना मुहाल कर दिया है। घर का माहौल भी खराब हो रहा है। - बृजेंद्र सिंह
शो पीस बनी पानी की टंकी
मेरे घर की छत पर पानी की टंकी रखी हुई, लेकिन आज तक वह पानी से नहीं भर सकी। शो पीस बनकर रह गई है। बाल्टियों में पानी लाते हैं, उसी से काम चलाना पड़ता है। कॉलोनी के सभी घरों में एक सी ही स्थिति है। - शिव देवी सचान
तालाब पर हो गई प्लाटिंग
कॉलोनी से एक किलोमीटर दूर गन्नू पाल का तालाब है। इस तालाब पर ट्यूबवेल लगाकर पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी लेकिन तालाब पर अवैध प्लाटिंग होने से वह खत्म हो गया है। - अवधेश
हर बार मिलता है आश्वासन
कॉलोनी के लोग पानी की समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी और जल निगम अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन हर बार समस्या को जल्द दूर करने का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। - आकाश दीप

तात्कालिक पेयजल व्यवस्था ठंडे बस्ते में 
फरवरी 2016 में उक्त क्षेत्रों की परेशानी देखते हुए तत्कालीन डीएम ने जल निगम को तात्कालिक पेयजल व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। जल निगम की यांत्रिक शाखा ने कॉलोनी से सवा किलोमीटर दूर श्रम कार्यालय के सामने स्थित पार्क में नलकूप लगाने के लिए पानी की तलाश की। जल निगम ने नलकूप लगाने, पाइप लाइन बिछाने, पंप हाउस बनाने, क्लोरीनेटिंग प्लांट, विद्युत संयोजन समेत अन्य कार्य के लिए 33.29 लाख की कार्य योजना बनाकर शासन को भेज दी थी। लेकिन बजट न मिलने से योजना ठंडे बस्ते में पड़ी है।
टुल्लू पंप भी नहीं खींच पा रहे पानी
शहर क्षेत्र में स्थित हींगन कटरा, झारखड़िया और लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज के आसपास क्षेत्रों में पानी की सप्लाई का बुरा हाल है। यह क्षेत्र नरसिंह राव टौरिया से जुड़े हैं। पिछले तीन दिन से जलापूर्ति का समय सुबह-शाम एक घंटे की जगह आधे घंटे ही रह गया है। साथ ही पानी की रफ्तार इतनी धीमी है कि टुल्लू पंप भी पानी नहीं खींच पा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें