झांसी/ललितपुर। मध्य प्रदेश के भोपाल क्षेत्र में हो रही झमाझम बारिश से ललितपुर स्थित राजघाट बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दो दिन में बांध का जलस्तर चार मीटर बढ़ा है। अभी भी बांध 10 मीटर खाली है। यही रफ्तार रही तो बांध शीघ्र लबालब हो जाएगा और इस बांध से नीचे की तरफ जुड़े माताटीला बांध आदि में भी भरपूर पानी हो जाएगा। इससे सिंचाई व पीने के पानी की समस्या लगभग दूर होती नजर आ रही हैं। हालांकि, झांसी व ललितपुर जनपद के अन्य बांधों का जलस्तर घटा हुआ है। माना जा रहा है कि आगे इसी तरह बरसात होती रही तो सभी बांधों के पानी से लबालब होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के भोपाल से उद्गम होकर आने वाली बेतवा नदी का पानी सबसे पहले ललितपुर क्षेत्र में स्थित राजघाट बांध में रोका जाता है। इस बांध से छूटा पानी माताटीला बांध को भरता है। माताटीला बांध से छोड़ा गया पानी सुकुवां-ढुकुवां व पारीछा बांध से होता हुआ उरई जालौन, हमीरपुर तक नहर के जरिये सिंचाई के लिए पहुंचता है। माताटीला बांध के पानी से ही झांसी महानगर व बबीना से झांसी मार्ग पर स्थित क्षेत्रों को जलापूर्ति होती हैं। अगर पूरे साल सिंचाई व पेयजल के लिए पर्याप्त पानी चाहिए तो राजघाट बांध का भरना जरूरी है। राजघाट बांध भरने के लिए मध्य प्रदेश में बारिश होना जरूरी है। पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के भोपाल व आसपास क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश से बेतवा नदी में तेजी से दौड़ रहा है। नतीजतन राजघाट बांध अपने पूर्ण जलस्तर 370.90 मीटर से 360.25 मीटर भर चुका है। इसी तरह माताटीला बांध का जलस्तर 308.46 मीटर की तुलना में 305.70 मीटर, सुकुवां-ढुकुवां बांध का 273.71 मीटर की तुलना में 266.97 मीटर, पारीछा बांध 194.65 मीटर की तुलना में 193.03 मीटर भरा हुआ है। पारीछा बांध से 18.35 मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बांध का दृश्य मनोरम बना हुआ है।
इधर, झांसी जनपद में हुई अब तक वर्षा से धसान नदी पर बने पहाड़ी बांध का जलस्तर 195.93 मीटर की तुलना में 193.70 मीटर, लहचूरा बांध का 182.27 मीटर की तुलना में 180.01 मीटर पहुंच गया है। इन दोनों बांधों का बारिश होने पर यकायक जलस्तर न बढ़ जाए, इसके देखते हुए क्रमश: 41 व 55 क्यूसेक पानी बांध से छोड़ा जा रहा है। मऊरानीपुर के निकट सपरार नदी से जुड़े सपरार बांध का जलस्तर 224.64 मीटर व 219.88 मीटर पर पहुंच गया है।
उधर, ललितपुर जिले में गोविंद सागर, शहजाद, जामनी, सजनम, रोहिणी, माताटीला और राजघाट बांध हैं। जिले में अभी तक बारिश की स्थित ज्यादा संतोषजनक नहीं है, जिससे जलस्तर भी कम है। मध्य प्रदेश से बहकर आ रहे पानी के कारण राजघाट बांध के जलस्तर को छोड़ दिय जाए तो वर्तमान में शहजाद नदी पर बने गोविंद सागर बांध के कुल जलस्तर 363.93 मीटर तुलना में 358.96 मीटर, सजनम बांध के जलस्तर 373.20 मीटर की तुलना में 369.29 मीटर, शहजाद बांध में 321.80 मीटर की तुलना मेें 318.45 मीटर, रोहिणी बांध 396.39 मीटर की तुलना में 393.30 मीटर, जामनी बांध के 403.55 मीटर की तुलना में 398.41 मीटर पानी है।
झांसी जनपद में दर्ज हुई सबसे अधिक वर्षा
झांसी। बुंदेलखंड में अभी तक हुई बरसात में झांसी जनपद सबसे आगे है। यहां अभी तक 378 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी हैं, जबकि पिछले बीस जुलाई तक जनपद में 217 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार झांसी में अब तक 378 मिली मीटर, ललितपुर में 75 मिली मीटर, जालौन में 117 मिली मीटर, बांदा में 277 मिली मीटर, चित्रकूट धाम कर्वी में 277 व महोबा में 191 मिली मीटर बरसात हो चुकी है। वैसे 19 जुलाई की सुबह छह बजे से 20 जुलाई की सुबह छह बजे तक झांसी जनपद जरूर बारिश के मामले में अव्वल है। चौबीस घंटे में जनपद में 15 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि बांदा में तीन मिली मीटर, जालौन में शून्य, ललितपुर में पांच मिली मीटर व महोबा में शून्य वर्षा हुई।