ललितपुर। शनिवार को अचानक मौसम बदल गया और सुबह से घने बादल छा गए। किसान खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन, उड़द, मूंग व अन्य फसलें समेटते नजर आए। जबकि, बहुत से किसानों की फसलें गीली होने से उनमें नुकसान हुआ है। वहीं, रबी फसल की बुआई से पहले किसानों को पलेवा नहीं करना पड़ेगा।
इस बार खरीफ फसलों की बोआई के समय भारी बारिश के चलते किसानों को काफी नुकसान हुआ। 80 फीसदी तक फसलें गलकर नष्ट हो गईं। वहीं जो बची थीं, उनकी कटाई चल रही है। कुछ किसानों की फसल अब भी खेतों में खड़ी है। किसान कटी फसलों की मड़ाई की तैयारी में हैं। इसी बीच शनिवार सुबह पांच बजे घने बादल छा गए। किसान खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन, उड़द और मूंगफली की फसल समेटते नजर आए। साथ ही ऊंचाई पर रखकर पॉलिथीन से ढंकने लगे, तभी कुछ देर में बारिश होने लगी। कटी पड़ी फसल बारिश के पानी से गीली हो गई। वहीं, जिन किसानों की फसल कटाई के लिए तैयार है, उन्हें अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
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रबी की फसल के लिए फायदेमंद
जिन किसानों ने फसल की कटाई के बाद रबी फसल की तैयारी के तहत खेतों की जुताई कर ली है, उनके लिए यह बारिश काफी अच्छी बताई जा रही है। किसानों को अक्तूबर से होने वाली बोआई के लिए पलेवा नहीं करना पड़ेगा।