बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान मोंथा और अरब सागर में बने अवदाब के प्रभाव से सोमवार को झांसी में झमाझम बारिश हुई। सुबह से रात तक जनपद में 50 मिलीमीटर से ज्यादा वर्षा हुई। पारा लुढ़कने से वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग ने एक-दो दिन और हल्की से मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान जताया है।
सोमवार तड़के तीन बजे से बारिश शुरू हो गई थी। कभी तेज तो कभी हल्की वर्षा होती रही। सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बारिश थमी रही। मगर फिर उसके बाद शुरू हो गई। बीच-बीच में कुछ देर बारिश रुकती और फिर शुरू हो जाती। ये स्थिति देर रात तक बनी रही। बारिश के चलते ग्वालियर रोड ओवरब्रिज, पुलिस लाइन के सामने, जेल चौराहा समेत कई मार्गों पर हल्का जलभराव भी हो गया।
नगर निगम के मुख्य गेट के सामने भी पानी भरने पर सुपर शकर मशीन से निकलवाया गया। कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि 24 घंटे में 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है। 28 और 29 अक्तूबर को झोंकेदार हवा के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद आसमान खुलने पर तापमान में इजाफा होना शुरू हो जाएगा।
प्रदेश में सबसे कम रहा झांसी का दिन का पारा
बारिश और हवा चलने की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से 9.5 डिग्री कम है। ये प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, न्यूनतम पारा 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक है।
फसलों में नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग
भाजपा एमएलसी रमा निरंजन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अतिवृष्टि से किसानों को हुई फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मटर, मसूर, चने की शत-प्रतिशत बोआई हो गई है। झांसी-ललितपुर-जालौन में अतिवृष्टि के चलते 90 फीसदी किसानों को नुकसान हुआ है। उन्हें शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाए। साथ ही धान की फसल पकी खड़ी है। इसका सर्वे करवाते हुए नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए। उन्होंने मुआवजा राशि भी बढ़वाने की मांग की।