ललितपुर। पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश से भावनी और जमड़ार बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने पर सिंचाई विभाग ने दोनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। गेट खोलने से पहले विभाग ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की।
जिले में जून और जुलाई में मानसून की बारिश सामान्य से कम होने से सूखे की आशंका बढ़ गई थी। अगस्त में मानसून सक्रिय होने के बाद जिले के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। लगातार बारिश से नदी-नालों में पानी बढ़ने के साथ बांधों में भी पानी की आवक तेज हो गई है।
तहसील तालबेहट के बार क्षेत्र स्थित भावनी और तहसील महरौनी क्षेत्र के जमड़ार बांध के कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश हुई। इससे दोनों बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा। जमड़ार बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए रविवार को एक गेट खोलकर पानी छोड़ा गया था। पानी की आवक लगातार बढ़ने पर सोमवार दोपहर दो गेट खोलकर 2013 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू कर दी गई।
इसी तरह भावनी बांध में पानी की आवक बढ़ने और जलस्तर निर्धारित स्तर के करीब पहुंचने पर सोमवार शाम पांच बजे गेट खोल दिए गए। यहां से 2051 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गेट खोलने से पहले सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया। साथ ही लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
जमड़ार और भावनी बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण पानी की आवक बढ़ी है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर निर्धारित स्तर पर आने के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे।
अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड प्रथम