डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस के सेकेंड AC कोच में छत से पानी टपकने लगा, जिससे फर्श पर जलभराव हो गया। यात्री टॉयलेट तक नहीं जा सके और शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने जांच का भरोसा दिलाया, लेकिन घटना ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
भारतीय रेलवे का "विश्वस्तरीय" सपना अब सच होता दिख रहा है , कम से कम झांसी मंडल की इस ट्रेन में तो ऐसा ही हुआ! डॉक्टर अंबेडकर नगर से प्रयागराज जा रही एक्सप्रेस ट्रेन के सेकेंड AC कोच A-1 में ऐसा नजारा देखने को मिला कि यात्रियों को लगा वे किसी वॉटर पार्क में सफर कर रहे हैं। कोच की छत से टपकते पानी ने न सिर्फ यात्रियों को हैरान किया बल्कि रेलवे की व्यवस्था की भी पोल खोल दी।
यात्रियों ने कहा
"पहली बार देखा कि रेलवे खुद छत से पानी गिराकर एसी कोच में ‘रेन डांस’ करवा रही है। अब IRCTC को इसमें एंट्री टिकट भी जोड़ देना चाहिए!"
यात्री विधान सिंह ने जब इस जलक्रीड़ा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, तो अधिकारियों की नींद टूटी — मगर सिर्फ कागज़ों में। यात्रियों के मुताबिक, शिकायत के बाद भी ट्रेन धड़धड़ाती रही और पानी बहता रहा। बुज़ुर्ग यात्रियों ने टॉयलेट जाना बंद कर दिया, और कुछ ने तो सीट पर बैठे-बैठे ही प्रार्थना शुरू कर दी कि कहीं कोई शॉर्ट सर्किट न हो जाए।
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रेलवे प्रशासन का जवाब
मंडल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बड़ी सहजता से कहा, "ट्रेन चल चुकी थी, मरम्मत संभव नहीं थी। प्रयागराज में जांच कराई जाएगी।"
वाह सरकार! जब बाढ़ आ जाए तो नाव बाद में भेजिएगा, अभी तो यात्रियों को स्विमिंग सीखने दीजिए!
भारतीय रेलवे का ये जल-प्रबंधन देख अब यात्री यही कह रहे हैं — "एसी कोच में AC नहीं, अब पानी मुफ्त मिलेगा!"
शायद ये "जल शक्ति मिशन" का कोई नया संस्करण है, जिसमें रेलवे खुद यात्रियों को पानी से सराबोर कर दे — और वो भी AC टिकट के दाम में!