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आसमान से झमाझम, नलों की टोंटियां से नहीं टपक रही बूंद

Fri, 03 Jul 2015 01:11 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला
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झांसी। नगर में बारिश शुरू हो गई है, लेकिन नलों की टोंटियां सूखी हुई हैं। कई मुहल्लों में पानी की एक एक बूंद के लिए लोग परेशान हैं। हैंडपंपों पर भीड़ है। हालांकि,  जल संस्थान टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अपर्याप्त साबित हो रही है। 
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झांसी में अभी तक 77 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है, मगर महानगर के जल संकट क्षेत्रों में समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले दिनों भीषण गर्मी के चलते नगर के गोलाकुआं क्षेत्र में आने वाले पन्नालाल, पुरानी पसरट, गोपाल नीखरा, पुरानी नझाई, सूजे खां खिड़की, भैरों खिड़की के अलावा कपूर टेकरी, कसाई मंडी, बाहर बड़ागांव गेट ,करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, नई बस्ती, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर, बौद्ध नगर, खैरा, ईसाई टोला, ताज कंपाउंड, नंदनपुरा आदि मुहल्लों का जल स्तर गिरने के कारण अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया था। वहीं, पेयजल आपूर्ति लाइन में भी पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में समस्या जस की तस बनी हुई है।  लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है।


मुख्यमंत्री को बताई पानी की समस्या
झांसी। बुधवार की रात ओरछा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा व जिला सचिव अर्जुन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बाहर बड़ागांव गेट में व्याप्त पानी की समस्या से अवगत कराया। बताया कि समस्या  झेल रहे लोगों को पानी के लिए दूर- दूर तक जाना पड़ता है। इस क्षेत्र में  पानी की टंकी के बनाए जाने की अति आवश्यकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में मिर्जा करामात वेग, रहीश यादव आदि शामिल थे।
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बेकार बह रहा हजारों लीटर पानी
झांसी। बाहर दतिया गेट से फिल्टर की तरफ जाने वाले मार्ग पर थापक बाग मोड़ के किनारे नाला निकला हुआ है। इस नाले से सटकर ही दतिया गेट फिल्टर से आने वाली मेन राइजिंग पाइप लाइन पानी की टंकी तक जाती है। नाले के किनारे से निकली पाइप लाइन दो माह पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल संस्थान के कर्मचारियों ने पाइप लाइन की ऊपर से तो मरम्मत कर दी, मगर नीचे से उसको ठीक से बंद नहीं किया। तब से ही पाइप लाइन की नीचे की तरफ से हजारों लीटर पानी प्रतिदिन बेकार नाले में बह रहा है। स्थानीय लोग कई बार इस समस्या से जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।  


नहीं दूर हुई कपूर टेकरी की समस्या
कपूर टेकरी में डाली गई नई पाइप लाइन में पानी न पहुंचने पर स्थानीय लोगों की शिकायत पर पिछले दिनों खुशीपुरा टंकी पर जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों ने अधिक क्षमता की मोटर लगाने का आश्वासन दिया था। मगर उच्च क्षमता की मोटर लगाने की जगह पुरानी मोटर में ही कुछ सुधार कर दिया गया। इससे कुछ घरों तक तो पानी पहुंचा, जबकि बाकी घरों में अभी भी एक बूंद पानी नहीं पहुंच रहा है।

बांधों को मूसलाधार बारिश का इंतजार
झांसी। अब तक हुई बारिश से जनपद के बांधों में एक फीट भी पानी नहीं बढ़ सका है। इस कारण बांधों का जलस्तर जस का तस बना हुआ है।
 वैसे जनपद वासी माताटीला, ढुकुवां, पारीछा, पहूंज, सपरार, पहाड़ी, लहचूरा, डोंगरी व खपरार बांध के पानी का उपयोग करते हैं लेकिन अधिकतर आबादी माताटीला पर निर्भर है। इस बांध से झांसी शहर, बबीना, तालबेहट आदि आस पास के क्षेत्रों को जलापूर्ति होती है। अन्य बांधों से भी आस पास के क्षेत्रों को पानी मिलता है। मगर इस बार अभी तक तेज बारिश न होने से बांधों का जलस्तर जस का तस बना हुआ है। माताटीला को छोड़कर अन्य बांधों का हाल बुरा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार माताटीला में 57.42, डोंगरी बांध में 10.32, खपरार बांध में 27.19, पहूंज बांध में 16.31, सपरार बांध में 11.06 व पहाड़ी बांध में 17.69 प्रतिशत उपयोगी पानी बचा है।
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