झांसी। केंद्र सरकार के सातवें पे कमीशन से रेलवे यूनियनें संतुष्ट नहीं हैं। पे कमीशन को कर्मचारी विरोधी बताया गया है। यूनियनों ने चक्का जाम का ऐलान किया है। इसके तहत वह ग्यारह जुलाई की सुबह छह बजे से हड़ताल पर रहेंगे। इसके लिए कर्मचारियों को एकजुट करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
रेलवे की राष्ट्रीय यूनियनें आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन व नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे ने सातवें वेतन आयोग में अपनी मांगों को मंजूरी दिलाने के लिए नेशनल ज्वाइंट कमेटी ऑफ एक्शन कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी मांगों को लेकर जो भी सुझाव दिए थे। पे कमीशन में एक भी मांग को मंजूरी नहीं मिल सकी। वेतन में 23.55 प्रतिशत की बजाए मात्र 14.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। आंकड़ों की बाजीगरी कर वृद्धि 23.55 दिखाई जा रही है।
पे कमीशन की सिफारिशों से नाराज कर्मचारी यूनियनों ने ग्यारह जुलाई से रेल का चक्का जाम करने का मन बना लिया है। ग्यारह जुलाई की सुबह छह बजे से कर्मचारी काम करना बंद कर देंगे। यहां तक कि रनिंग स्टाफ भी छह बजते ही ट्रेन को जहां दौड़ा रहा होगा, वहीं खड़ी करके चला आएगा। मंडल स्तर पर हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रतिदिन नॉर्थ सेंट्रल मेंस यूनियन व नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के पदाधिकारी कर्मचारियों से संपर्क कर रहे हैं और उनका प्रदर्शन भी लगातार जारी है। यूनियन नेताओं ने रेलवे की अन्य एसोसिएशन व अन्य केंद्रीय विभागों के कर्मचारियों का हड़ताल में पूर्ण समर्थन मिलने का दावा किया है।
यह मांगे जो नहीं हो सकीं पूरी
- कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26 हजार करना।
- राष्ट्रीय पेंशन योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करना।
- रनिंग एलाउंस के निर्धारण में हो रही हेराफेरी को समाप्त करना।
- वर्तमान में लागू सभी भत्तों एवं एडवांसेज को जारी रखना।
- ग्रुप डी एवं सी के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करना।
- लिपिकों के पदों का समर्पण एवं भर्ती पर लगी रोक को तथा कंप्यूटरीकरण के नाम हो रहे उत्पीड़न को अविलंब रोकना।
- तकनीशियन सेकेंड को तकनीशियन फर्स्ट में मर्ज कर 2800 ग्रेड पे मान कर नये वेतन का निर्धारण करना।
53 भत्तों को खत्म किया
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव ने बताया कि सातवें पे कमीशन में कर्मचारियों को मिलने वाले 151 भत्तों में 53 को बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों की 44 श्रम कानूनों से सुरक्षा होती थी, जिन्हें सिर्फ चार करने की सिफारिश की गई है। यह पहला पे कमीशन है, जिसमें मात्र 14.5 प्रतिशत की गई है। छठे पे कमीशन में 54 प्रतिशत वेतन में वृद्धि की गई थी
अच्छे प्रदर्शन पर ही मिलेगा बोनस
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के मंडल सचिव आरएन यादव का कहना है कि सातवें पे कमीशन में शर्त रखी गई है कि अपने कार्य में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को ही बोनस दिया जाएगा। इनक्रीमेंट भी तीन सीआर मिलने पर ही मिलेगा। ऐसा करने से चापलूस कर्मचारियों की मौज हो जाएगी। चूंकि, अधिकारियों को ही सीआर देना है, इस कारण कर्मचारियों को उनके पूरे दबाव में काम करना होगा।
फैमली पेंशन का नहीं मिलेगा लाभ
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के मंडल अध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय पेंशन योजना में व्यवस्था की गई है कि कर्मचारी को ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का लाभ मिल सकेगा। कर्मचारी की मृत्यु उपरांत उसकी पत्नी, तलाक शुदा या विधवा पुत्री को पेंशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। सीधे-सीधे कर्मचारियों को ही लाभों से वंचित किया जा रहा है।
आघात है पे कमीशन
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल अध्यक्ष रामकुमार सिंह कहते हैं कि वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए किसी आघात से कम नहीं है। तमाम सिफारिशें श्रमिक विरोधी हैं, उनमें सुधार होने तक हड़ताल से पीछे नहीं मुड़ा जा सकता।
न्यूनतम वेतन 18 हजार स्वीकार नहीं
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल सचिव बीजी गौतम ने कहा कि सरकार ने एम पॉवर कमेटी (शक्ति संपन्न समिति) की रिपोर्ट दरकिनार कर वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देकर हड़ताल को स्वयं आमंत्रित किया है। केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18000 कतई स्वीकार नहीं है।
सरकार की मजदूर विरोधी मानसिकता
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पवन झारखड़िया का कहना था कि सरकार ने न्यूनतम वेतन 7000 से 18000 किया है जो 14 प्रतिशत वृद्धि है। जबकि, अधिकतम वेतन 90000 से 250000 किया है जो कि 23 प्रतिशत है। मतलब छोटे कर्मचारियों को कम और बड़े अधिकारियों को अधिक। इससे सिद्ध होता है कि सरकार की मानसिकता मजदूर विरोधी है।
परमीशन पर ही मिलेगी रेलकर्मियों को छुट्टी
झांसी। रेल यूनियनों द्वारा ग्यारह जुलाई से हड़ताल पर जाने की चेतावनी के मद्देनजर रेल प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत सिंह ने तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृति के लिए निर्देश जारी किए हैं कि सात जुलाई से कर्मचारी अपने शाखा अधिकारी की परमीशन के बाद ही छुट्टी ले सकेंगे। इसी तरह मंडल के सभी अधिकारियों के अवकाश मंडल रेल प्रबंधक व अपर मंडल रेल प्रबंधक स्वीकृत करेंगे।
द्वार सभा में गरजे रेल नेता
झांसी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में शुक्रवार को नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ ने वर्कशाप पर द्वार सभा आयोजन किया, जिसमें रेल नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।
सभा में मंडल अध्यक्ष रामकुमार सिंह व मंडल सचिव वीजी गौतम ने कहा कि जब तक कर्मचारियों को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग पूरी नहीं होती है, तब तक ग्यारह जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। सभा की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष राजकुमार थापक ने की। इस मौके पर टीपी सिंह, वीके सिंह, वीके साहू, राघवेंद्र तिवारी, प्रमोद कुमार, एनके जैन, विनोद गौतम आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन राकेश कुमार ने किया।
सातवां वेतन आयोग छलावा
झांसी। शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में सातवें वेतन आयोग को कर्मचारियों के साथ छलावा बताया गया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि पे कमीशन कर्मचारियों के हित में नहीं है। प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद वशिष्ठ ने कहा कि पे कमीशन की सिफारिशों में अनेक विसंगतियां है। शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन ने कहा कि पे कमीशन ने कर्मचारियों को निराश कर दिया है। बैठक में डॉ. सुनील तिवारी, अफजाल हुसैन, भरत राय, अनिल रिछारिया, मुकुट बिहारी मिश्रा, जीतू रायकवार आदि उपस्थित थे। बैठक का संचालन अमीर चंद्र आर्य व आभार सुनील अग्रवाल ने व्यक्त किया।