झांसी रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई का काम संभालने वाले कंपनी के कर्मचारियों ने सोमवार को हड़ताल कर चार घंटे तक काम बंद रखा। कर्मचारियों ने डीआरएम से मिलने की कोशिश की, लेकिन आरपीएफ ने उनको आगे नहीं बढ़ने दिया। इस बात को लेकर उनकी आरपीएफ से नोकझोंक भी हुई। बाद में कुछ कर्मचारी काम पर लौट आए और कुछ घर चले गए।
रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई का लखनऊ की प्राइम क्लीनिंग सर्विस कंपनी संभालती है। इस कंपनी के 150 कर्मचारी प्लेटफार्म, पटरियां, रेलवे परिसर और कार्यालयों में सफाई का काम करते हैं। कर्मचारी सुबह सात से दोपहर तीन बजे, दोपहर तीन बजे से रात ग्यारह बजे और रात ग्यारह बजे से सुबह सात बजे की पाली में काम करते हैं। कंपनी के कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी कभी भी उनको वक्त पर वेतन नहीं देती है। दो हजार रुपये पीएफ के काटे जाते हैं, लेकिन पीएफ नंबर नहीं दिया गया है। पिछले एक साल से 266 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन दिया जा रहा है, जबकि रेल प्रशासन 513 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान करता है।
महीने में पूरे 30 दिन काम कराया जाता है। छुट्टी लेने पर वेतन काट दिया जाता है। काम के लिए सिर्फ एक वर्दी दी गई है। उक्त सभी समस्याओं को लेकर सोमवार की सुबह सात बजे कर्मचारी काम बंद कर डीआरएम कार्यालय गेट के बाहर एकत्रित हो गए। सुबह दस बजे कर्मचारी डीआरएम को ज्ञापन देने पहुंचे, लेकिन आरपीएफ ने उनको रोक लिया। कर्मचारियों की आरपीएफ थाना प्रभारी निरीक्षक एके यादव से नोकझोंक हुई। बाद में कंपनी मैनेजर द्वारा 15 दिन में समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन देने पर पर कर्मचारी काम पर लौट गए। इस मामले में कंपनी मैनेजर विनोद गौतम ने बताया कि कुछ बाहरी लोगों की बातों में आकर कर्मचारी बहक गए थे। बाद में वह काम पर वापस लौट आए। कर्मचारियों को सभी लाभ नियम के हिसाब से ही दिए जा रहे हैं।