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Jhansi News: ओएचई की चपेट में आने से रेलवे के टेक्नीशियन की मौत, कर्मचारियों का हंगामा

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रेल कर्मचारियों ने शव रखकर किया प्रदर्शन
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फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मंगलवार को डीजल लोको शेड में ओएचई की चपेट में आने से टेक्नीशियन की दर्दनाक मौत हो गई। इंजन पर चढ़कर काम करने के दौरान टेक्नीशियन हादसे का शिकार हुआ। घटना के बाद गुस्साए कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कारखाने में शव रखकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे डीआरएम ने कर्मचारियों को उनकी मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिया। इसके बाद वे माने।
राजस्थान के दोसा जिले के रहने वाले कमलेश कुमार मीणा (31) रेलवे के डीजल लोको शेड में टेक्नीशियन थर्ड के पद पर कार्यरत थे। मंगलवार की सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे वह एक इंजन पर चढ़कर काम कर रहे थे। इसी दरम्यान वह ऊपर से गुजरी ओएचई की चपेट में आ गए, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गए। साथी कर्मचारी आनन-फानन उन्हें रेलवे अस्पताल लेकर भागे। यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। वह कर्मचारी के शव को वापस डीजल शेड ले गए और यहां शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि काम के दौरान ओएचई बंद होनी चाहिए थी, लेकिन उसमें करंट दौड़ता रहा, जिसके चलते कर्मचारी हादसे का शिकार हुआ। उन्होंने इसके लिए दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने मृतक आश्रित को उसके गृह जनपद में नियुक्ति देने व देयकों का भुगतान सात दिन के भीतर करने की मांग की। रेलवे के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में डीआरएम दीपक कुमार सिन्हा ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उन्हें उनकी मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिया। इसके बाद वे माने।
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रेलवे के जनंसपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रेल प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता (परिचालन) की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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एक अन्य कर्मचारी की हालत बिगड़ी
रेलवे अस्पताल में टेक्नीशियन कमलेश कुमार मीणा को मृत घोषित किए जाने के बाद उसके साथ मौजूद एक अन्य कर्मचारी लीलाधर मीणा की हालत बिगड़ गई। उसे अचानक हार्ट अटैक हो गया। इसके बाद अपर मंडल रेल प्रबंधक आरडी मौर्या और रेलवे के चिकित्सक आनन-फानन रेल कर्मचारी को एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां उसका इलाज जारी है।
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परिजनों में मचा कोहराम
कर्मचारी की मौत के बाद से उसके परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है। मृतक की पत्नी बार-बार बेसुध हो जा रही है। देर शाम राजस्थान से उसके अन्य परिजन भी यहां पहुंच गए। बता दें कि मृतक के पांच साल की बेटी और दो माह का बेटा है। एक साल पहले वह स्थानांतरित होकर झांसी आया था।
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