फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेल परियोजनाओं की थमी गति पर आगे बढ़ने लगे कदम

विज्ञापन
विज्ञापन
रेल मंडल में संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर धीरे- धीरे काम शुरू होता जा रहा है। झांसी - धौलपुर व झांसी- ललितपुर के बीच थर्ड लाइन व झांसी- कानपुर के बीच डबल ट्रैक पर काम शुरू हो गया है। फिलहाल अभी जो कंपनियों के अनुभवी कर्मचारी व मजदूर रुक गए थे, उनसे काम कराया जा रहा है। लॉकडाउन में जो आसपास क्षेत्र के मजदूर चले गए थे, वे भी पांच सौ से अधिक मजदूर लौट आए हैं। मंडल में झांसी से धौलपुर के बीच तीसरी रेल लाइन के लिए 160 किलोमीटर में अलग- अलग जगह काम चल रहा है। फरवरी 2021 तक सबसे पहले डबरा से आंतरी के बीच 20 किलोमीटर थर्ड ट्रैक चालू करने की तैयारी चल रही है। मगर लॉकडाउन के कारण यह काम बंद हो गया था। एक जून से दोबारा काम पटरी पर लौटने लगा है। निर्माणाधीन पुलों पर शटरिंग, नई स्टेशन बिल्डिंग में पुटीन आदि काम शुरू हो गए हैं। इसी तरह झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर 206 किलोमीटर तक काम होना है। अभी तक 206 में 87 किलोमीटर का रास्ता खोला जा चुका है। अगले चरण में झांसी- कानपुर डबल ट्रैक पर अब कालपी से चौरा स्टेशन के बीच का मार्ग खोला जाना है। इस सेक्शन में भी रेल विकास निगम लिमिटेड ने काम शुरू कर दिया है। इधर, झांसी से बबीना के बीच तीसरी लाइन को बिछाने का काम रेलवे का निर्माण संगठन कर रहा है। इन दिनों झांसी और बबीना के बीच पड़ने वाले चार बड़े और 18 पुलों का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। इनमें 12 छोटे पुल और झांसी से बिजौली के बीच एक बड़े पुल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। लॉकडाउन के पहले पुरानी पटरियों को हटाकर नई पटरी डालने का काम अंतिम चरण में चल रहा था। ये काम अब दोबारा शुरू कर दिया गया है। बारिश में बंद हो जाता है काम बारिश के कारण जुलाई, अगस्त और सितंबर में कार्य बंद कर दिए जाते हैं। रेल परियोजनाओं पर काम कर रहीं कंपनियों के पास एक महीना ही है, जिसमें वे काम खींच सकते हैं। अन्यथा तीन महीने के लिए काम फिर से लॉकडाउन में चला जाएगा। सीपरी पुल के लिए करना होगा इंतजार कोरोना महामारी के चलते सीपरी बाजार ओवरब्रिज का काम इस साल भी पूरा होने की कम उम्मीद है। इस महामारी ने नया ठेका लेने वाली कंपनी के दिल्ली स्थित फैक्ट्री में अभी तक काम ठप है। इससे गार्डर बनाने का काम ठप हो गया है। बिना गार्डर के ओवरब्रिज का काम आगे बढ़ना मुश्किल है। दरअसल, अभी पटरियों के ऊपर 50 मीटर के छह और सीपरी बाजार टंकी की तरफ 36 मीटर के छह गार्डर रखने का काम बाकी रह गया है। 36 मीटर के गार्डर आ गए हैं। नई कंपनी को दिल्ली स्थित अपनी फैक्ट्री में 50 मीटर के गार्डर अभी बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें