रेलवे बोर्ड अब एक जुलाई से 200 और स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। ये ट्रेनें उन स्टेशनों के लिए चलेंगी, जहां अभी गाड़ियां नहीं जा रहीं हैं। साथ ही पैसेंजर ट्रेनें भी शुरू होंगी। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य धीरे- धीरे स्थिति को सामान्य करना है। कोरोना वायरस के चलते रेलवे ने 23 मार्च से मेल, एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद कर रखा है। रेलवे ने एक मई से अलग- अलग शहरों में फंसे श्रमिक व कामगारों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकारों के सहयोग से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया था, जो 30 जून तक चलेंगी। इसी तरह 12 मई से अप और डाउन तीस राजधानी स्पेशल ट्रेनें चलाईं गईं। इनमें अप और डाउन की आठ ट्रेनें झांसी होेकर गुजर रहीं हैं। एक जून से 200 अप और डाउन की मेल/ एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। इनमें अप और डाउन की 28 ट्रेनें झांसी होकर गुजर रहीं हैं। ट्रेनों में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही सफर करने की अनुमति दी जा रही है। चूंकि, अभी रेलवे कई रूटों पर ट्रेन नहीं चला रहा है इस कारण कई लोग अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रेलवे एक जुलाई से दो सौ और स्पेशल ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है। इससे यात्रियों को ट्रेनों के विकल्प भी ज्यादा मिलने लगेंगे। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एक जुलाई से कौन सी नई ट्रेनें चलेंगी, इसका जल्द ही पता लग जाएगा।