संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बुंदेलखंड के विकास में नया अध्याय जोड़ने जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को लेकर रेल अधिकारी भले ही अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कह रहे हों लेकिन, इसके संचालन की तैयारियां लगातार जारी हैं। बुंदेलखंड के ललितपुर, टीकमगढ़ और खजुराहो को जोड़ने वाली इस ट्रेन के भव्य स्वागत की तैयारियां भी जोर पकड़ने लगी हैं। शुक्रवार को रेलवे के अधिकारियों ने ट्रेन के समय को लेकर लंबी बैठक भी की।
साल 2013 में पहली बार टीकमगढ़ से खजुराहो के लिए पहली पैसेंजर ट्रेन का संचालन किया गया था। यहां के लोगों को इस बात का थोड़ा भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें इतनी जल्दी देश में निर्मित वंदे भारत की सौगात मिल जाएगी। लेकिन, यहां के लोगों का सपना 12 मार्च को पूरा होने जा रहा है। ट्रेन के संचालन समय और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में शुक्रवार को लंबी बैठक चली। जिसमें शताब्दी एक्सप्रेस, रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस के समय को लेकर चर्चा की गई। जिसमें यह देखा गया कि दिल्ली-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का समय अन्य ट्रेनों के करीब न हो। इसके अलावा कार्यक्रमों की भी रूप रेखा तय की गई। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई है। वंदे भारत को लेकर अभी कोई समय सारणी जारी नहीं हुई है।
ललितपुर व अन्य स्टेशन से इतना है शताब्दी का किराया
दिल्ली से ललितपुर तक चेयरकार का किराया 1185 रुपये है
आगरा से ललितपुर तक चेयरकार का किराया 885 रुपये है
ग्वालियर से ललितपुर तक चेयरकार का किराया 670 रुपये है
झांसी से ललितपुर तक चेयरकार का किराया 385 रुपये है