कर्मचारियों के अनफिट प्रकरण में मंगलवार को इलाहाबाद विजिलेंस की पांच सदस्यीय टीम ने रेलवे अस्पताल का रिकार्ड खंगाला। साथ ही शिकायत पर दो डॉक्टरों के बंगलों पर पहुंचकर भी देखा कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल में हड़कंप मचा रहा।
रेलवे अस्पताल में धड़ाधड़ हो रहे कर्मचारियों के अनफिट होने के मामलों की शिकायत रेलवे बोर्ड विजिलेंस के पास भेजी गई हैं। इनमें पिछले एक साल में झांसी मंडल में कार्यरत करीब बीस रेलवे गार्ड और ड्राइवरों ने खुद को मिर्गी से पीड़ित होकर अनफिट (मेडिकल डी कैटराइज्ड) कराया है। इस कारण रेलवे बोर्ड विजिलेंस के आदेश पर इलाहाबाद की टीम लगातार अस्पताल की गतिविधियों पर नजर जमाए हैं।
मंगलवार को विजिलेंस की पांच सदस्यीय टीम ने अस्पताल पहुंचकर इन मामलों से जुड़े रिकार्ड की जांच की। कुछ आवश्यक कागजात जब्त कर लिए। साथ ही स्टोर में दवाओं की स्थिति को देखा। वार्ड में जाकर मरीजों से भी जाकर पूछा कि डॉक्टर उनको अपने बंगले पर तो नहीं बुलाते हैं। इस दौरान टीम ने दो डॉक्टरों के बंगले पर जाकर भी देखा कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस तो नहीं कर रहे हैं। इसके बाद देर शाम तक टीम के सदस्य अस्पताल में एसीएमएस के कक्ष में बैठकर डॉक्टरों और कर्मचारियों से पूछताछ करते रहे। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि विजलेंस रूटीन चेकिंग को आई थी।