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रेल पटरियां तेजी से बिछाने के लिए मिले 860 करोड़

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झांसी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में झांसी से मथुरा व झांसी से बीना के बीच तीसरी लाइन और झांसी- भीमसेन के बीच दूसरी लाइन के लिए 810 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। झांसी - कानपुर डबल ट्रैक के लिए भी दो सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह झांसी- मानिकपुर के बीच दूसरी लाइन का काम गति पकड़ सके, इसके लिए भी 50 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। ललितपुर से बिरारी के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए भी 95 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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बजट में रेलवे को मिले हिस्से में झांसी का हिस्सा तय हो गया है। मंत्रालय ने उत्तर मध्य रेलवे के लिए पिंक बुक जारी कर दी है। इसमें तीसरी लाइन का झांसी से मथुरा के बीच 273. 80 किलोमीटर में 2508 करोड़ और झांसी से बीना के बीच 152.57 किलोमीटर में 1212 करोड़ की स्वीकृत लागत से काम चल रहा है। यह काम अलग- अलग खंडों में चल रहा है। पिछले चार साल से यह काम चल रहा है। हर बार बजट में उक्त कार्य के लिए धनराशि आवंटित की जाती है, ताकि काम पर ब्रेक न लग सके।
इस बार झांसी से मथुरा लाइन के लिए छह सौ करोड़ रुपये व झांसी से बीना लाइन के लिए 210 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसी तरह, कानपुर ट्रैक पर पिछले चार साल से झांसी से भीमसेन के बीच 206 किलोमीटर में 1140 करोड़ की लागत से दूसरी लाइन का काम चल रहा है। अभी तक आधा काम ही पूरा हो सका है। इस लाइन के लिए तीन सौ करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस बजट के मिलने से अब और तेजी से काम होने की उम्मीद है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने इस ट्रैक को 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य तय कर रखा है।
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झांसी- खैरार- मानिकपुर व खैरार भीमसेन के बीच 411 किलोमीटर में तीन हजार करोड़ की लागत से दूसरी लाइन बिछनी है। इस लाइन को गति देने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अभी इस लाइन पर कुछ जगह जमीन समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। इधर, ललितपुर से 15.80 किलोमीटर दूर बिरारी के निकट 260 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत फ्लाई ओवर के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रेल मंडल के सात स्टेशनों पर ऊपरी रेल पारपथ बनेंगे। साथ ही, झांसी मंडल के आधा दर्जन स्टेशनों पर लूप लाइनों का विस्तार होगा।
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प्रमुख मांगें जो न हो सकीं पूरी
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- झांसी में रेलवे की जमीन पर एक स्पोर्ट्स स्टेडियम
- झांसी स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण
- झांसी से आगरा, बीना, बांदा व कानपुर की तरफ फास्ट लोकल ट्रेन
- झांसी- लखनऊ इंटरसिटी को ललितपुर तक बढ़ाना
- पैसेंजर ट्रेनों में बोगियों की संख्या बढ़ाकर चौदह करने
- झांसी - लखनऊ इंटरसिटी में एसी कोच की संख्या बढ़ाने
- भोपाल से सुबह के समय दिल्ली के लिए शताब्दी एक्सप्रेस
- झांसी से पूर्वोत्तर भारत के लिए सीधी ट्रेन
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