बुधवार शाम करारी स्टेशन पर हुए हादसे को रेलवे के अफसर चाहकर भी छिपा नहीं सके। बृहस्पतिवार सुबह आए उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने अमर उजाला पढ़ा तो उनका माथा ठनक गया। उन्होंने तत्काल मंडल परिचालन प्रबंधक, सहायक मंडल अभियंता और सहायक संरक्षा अधिकारी की कमेटी बनाकर मामले की जांच के निर्देश दिए। तीनों ने करारी स्टेशन पहुंचकर पीडब्लूआई, गैंगमैन, ठेकेदार के मजदूर और ग्वालियर- बरौनी मेल के ड्राइवर, गार्ड के बयान दर्ज किए।
ग्वालियर बरौनी मेल बुधवार को करारी रेलवे स्टेशन पर हादसे का शिकार होते-होते बच गई थी। घबराहट में ट्रैकमैन भरत की इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इंजीनियरिंग विभाग करारी स्टेशन की अप लूप लाइन में पटरी के नीचे बिछने वाले सीमेंट के स्लीपर बदलवाने का काम ठेकेदार से करवा रहा है। बुधवार को ठेकेदार के मजदूर पुराने स्लीपर उखाड़ने के बाद पटरियों के बीच से घसीटकर लेकर जाकर डाउन ट्रैक के पास रख रख रहे थे। इसी दौरान ग्वालियर-बरौनी मेल के गुजरने का समय होने पर मजदूर एक स्लीपर को लेकर उसी ट्रैक पर खड़े थे, जिस पर से ट्रेन गुजरने वाली थी। स्टेशन मास्टर ने यह देखा तो शोर मचाकर सबसे हटने को कहा। वहां मौजूद मजदूर स्लीपर हटाकर खुद हट गए, लेकिन गैंगमैन भरत घबरा गया और खुद पटरियों से नहीं हट सका और इंजन की चपेट में आकर दूर जाकर गिरा। हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई थी। बाद में हादसे से गुस्साएं पहुंचे नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन और नॉर्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ के पदाधिकारियों ने हंगामा किया था।
बृहस्पतिवार को उत्तर मध्य रेलवे महाप्रबंधक मूलचंद्र चौहान ने अमर उजाला पढ़ने के बाद मामले को संज्ञान में लिया और जांच के आदेश दिए। जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन हुआ। इसके बाद टीम में शामिल मंडल परिचालन प्रबंधक, सहायक मंडल अभियंता और सहायक संरक्षा अधिकारी ने करारी स्टेशन पर पहुंचकर पीडब्लूआई, गैंगमैन, ठेकेदार के मजदूर और ग्वालियर- बरौनी मेल के ड्राइवर, गार्ड के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।