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मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर का जीना दुश्वार

Sun, 03 Sep 2017 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
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medical jhansi news - फोटो : demo pic
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झांसी।
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तमाम सख्तियों, नियमों के बावजूद महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जूनियर्स की रैगिंग नहीं रुक रही है। सीनियर छात्र जूनियरों का शोषण कर रहे हैं। ताजा मामले में पुलिस से मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने रैगिंग को लेकर जो आपबीती बयां की, वो रोंगटे खड़े करने वाली है। कभी डॉक्टर बनने का सपना संजोए छात्र सीनियर के उत्पीड़न से तंग आकर अब पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। इस मामले में एसएसपी ने सीओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर ट्विट कर रैगिंग की शिकायत की है। शिकायत में छात्र ने पूरा दुखड़ा बयां किया है। छात्र का आरोप है कि जब भी सीनियर का मन होता है, तो वो जूनियर के विंग में घुस आते हैं। जबकि, गार्ड को बोला गया है कि कोई सीनियर यहां नहीं आ सकता। सीनियर आते हैं और रैगिंग करके चले जाते हैं। जूनियर्स को रात को खूब गालियां दी जाती हैं। जबकि, हॉस्टल सेक्रेट्री भी यहीं रहते हैं। उनको सब पता है, लेकिन कुछ नहीं करते। हॉस्टल में जूनियर छात्र जेल जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। अकेले जूनियर्स को कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। कोई भी कमरे का दरवाजा खटखटाता है, तो जूनियर सहम जाते हैं। सीनियर को जबरदस्ती सलामी देनी पड़ती है। जरा सी नजरें ऊपर करने पर मार पड़ती है। खिड़की खुली होने पर भी भद्दी-भद्दी गालियां दी जाती हैं। सीनियर धमकाते हैं कि रैगिंग तो अभी शुरू हुई है। छात्र का आरोप है कि किसी से इसका जिक्र करो तो कहता है कि डॉक्टर बनने के लिए ये सब तो झेलना पड़ेगा। सीनियर कहते हैं कि प्रथम वर्ष में जूनियर्स को पढ़ने की जरूरत नहीं है, बस रैगिंग करवाते रहो। छात्र का कहना है कि सब जूनियर के माता-पिता आते हैं और कहते हैं कि मिलकर झेल लेना मगर अब तक कोई ऐसा नहीं आया, जिसने सीनियरों से लड़ाई लड़ी हो। छात्र का कहना है कि एमबीबीएस में चयन होने पर उसको काफी खुशी हुई थी, लेकिन अब यहां रहने का बिल्कुल मन नहीं करता। डॉक्टर बनने की इच्छा खत्म हो चुकी है। जबकि, पहले यही उसका एकमात्र लक्ष्य था।
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बॉक्स..
बताना चाहता था मन की बात
झांसी पुलिस के ट्विटर अकाउंट पर ट्विट करने वाले छात्र ने कहा कि आपबीती बताने के बाद नहीं पता कि कुछ बदलेगा या नहीं, लेकिन वह अपने मन की बात किसी को बताना चाहता था। इसलिए ये सब लिखा। सब सोचेंगे कि पहले एंटी रैगिंग कमेटी से बात करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं है कि किसी से कुछ छिपा हो। कमेटी भी सब जानती है। ऐसी धमकियां मिलती हैं कि कॉलेज का नाम खराब करने पर आगे परीक्षा में झेलना पड़ेगा। छात्र का कहना है कि लगता नहीं कि वह ज्यादा दिन यहां रह पाएगा।
बॉक्स..
हॉस्टल के भी बुरे हाल
छात्र ने हॉस्टल की खामियां भी बयां की हैं। उसका कहना है कि कमरे खराब हैं। उनमें पंखे नहीं हैं और न ही बाथरूम साफ हैं। टॉयलेट साफ न होने पर जब पूछताछ की तो पता चला कि टेंडर नहीं हुए हैं। पंखे और बल्ब खुद खरीदकर लगाने पड़ते हैं। रैगिंग से बहुत से अच्छे छात्रों का दमन हो रहा है।
बॉक्स..
छात्र बोला, ऐसे करते हैं रैगिंग
- आंखें नीची करके सिर को हमेशा झुका के चलना। जरा भी आंख ऊपर की तो सीनियर गार्ड के सामने गालियां देते और मारते हैं।
- कॉलेज जाते समय सीनियर छात्र गार्ड के सामने जूनियर को खूब गाली देते हैं। रास्ते में कुछ भी कह देते हैं। मारते हैं।
- हॉस्टल में टी-शर्ट पहनने को मना है। सिर्फ फॉर्मल कपड़े पहनने की इजाजत है।
- कंडोम खरीदकर उसके पैकेट पर जूनियर को फोटो लगाकर हॉस्टल का आईडी कार्ड बनाने को सीनियर्स कहते हैं।
वर्जन..
निष्कासन की होगी कार्रवाई
छात्र का शिकायती पत्र प्राप्त हो गया है। एंटी रैगिंग कमेटी के सचिव ने प्रथम वर्ष के छात्रों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। प्रकरण में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई होगी।
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- डॉ. जे पी पुरोहित, प्रभारी प्राचार्य - महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज
कमेटी की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
छात्र की शिकायत मिली है। इसकी जांच मेडिकल कालेज की एंटी रैगिंग कमेटी भी करेगी। पुलिस कमेटी से रिपोर्ट लेगी। इसके बाद कानून के तहत दोषियों पर कार्रवाई होगी।
- वी के सिंह, सीओ सिटी
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