झांसी। कहते हैं धर्म और मजहब कुछ भी हो, हम श्रीराम को पूजें या अल्लाह की इबादत करें, मतलब तो ऊपर वाले को याद करने से है। प्रभु श्रीराम की पूजा और अल्लाह की इबादत का ऐसा ही एक नजारा इन दिनों झांसी में देखने को मिल रहा है। यहां मुस्लिम परिवार की महिलाएं दशानन रावण, कुंभकरण और मेघनाद के 50-55 फुट ऊंचे पुतले बनाकर न सिर्फ हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों का पालन कर रहीं हैं, ये महिलाएं नमाज के साथ-साथ हिंदू देवताओं की पूजा भी विधि-विधान से कर रही हैं। असल में शहर में 24 सितंबर से होने वाली सदर बाजार रामलीला में पहली बार जालौन से आईं राबिया बेगम, उनका बेटा-बहू और बेटी यहां लीला में रावण, कुंभकरण और मेघनाद वध के लिए पुतले तैयार करने में जुटे हैं। शनिवार को हुई विश्वकर्मा जयंती पर राबिया बेगम ने फूल, माला, धूप, दीपक और प्रसाद अर्पित न सिर्फ भगवान विश्वकर्मा की पूजा की, उन्होंने नारियल फोड़कर पुतले बनाने में उपयोग हो रहे अपने औजारों की पूजा भी की और सबको प्रसाद भी बांटा।
जिस दिन से पुतले बना रहीं, मांसाहार को हाथ तक नहीं लगाया
झांसी। मूल रूप से जालौन के पुरानी हाट मुहल्ले में रहने वाली राबिया बेगम को इस बार सदर बाजार रामलीला कमेटी ने खासतौर पर बुलाया है। राबिया अपने बेटे सद्दाम, बहू रूबी और 15 साल की छोटी बेटी नेहा के साथ 05 सितंबर को झांसी आईं थीं। वह पुतले बनाने के लिए बांस-बल्ली, पन्नी, कागज और सजावट का सारा सामान भी साथ लाईं हैं। राबिया ने बताया कि उन्होंने पुतले बनाने का हुनर 25 साल से यह काम कर रहे अपने ससुर गफूर से सीखा है। उनके शौहर यासीन भी पुतले बनाने का काम करते हैं। इन दिनों वह दूसरे शहर में पुतले बनाने गए हैं। परिवार में नेहा से बड़ी दो बेटियां साहिबा और आरजू और भी हैं, तीनों पढ़ाई कर रही हैं। राबिया ने बताया कि वह पहली बार झांसी आईं हैं। उन्हें रामलीला देखना अच्छा लगता है इसलिए उन्होंने यह काम सीखा। बताया कि मुस्लिम होने से परिवार में मीट-मुर्गा और अंडे रोजाना ही खाने का चलन है लेकिन जिस दिन से उन्होंने पुतले बनाना शुरू किया है, मांसाहार को हाथ भी नहीं लगाया। रोज सुबह सभी लोग नहा-धोकर काम शुरू करते हैं। उनका पूरा परिवार सात्विक भोजन ही खा रहा है।
कुंभकरण-मेघनाद के पुतले 50 और 55 फुट का होगा रावण का पुतला
झांसी। सदर बाजार की रामलीला का इस साल 98वां वर्ष होगा। इसमें अधिकांश कलाकार बच्चे हैं। 28 सितंबर को धूमधाम से श्रीराम की बरात निकाली जाएगी। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री रामराजा सरकार ओरछा धाम हैं। 23 सितंबर को अखंड रामायण का पाठ, 24 से नारद मोह के साथ मंचन प्रारंभ होगा। लीला में 04 अक्तूबर को कुंभकरण और मेघनाद वध होगा। लीला कमेटी के महामंत्री अर्जुन यादव, पुरोहित पंडित चंद्रप्रकाश गोस्वामी, विजय प्रकाश पटैरिया, मुकेश जैन, रोहित गुप्ता, टिंकल जैन, विशाल खत्री, रिषभ यादव, राहुल यादव और शिवम साहू ने बताया कि सदर बाजार के जिमखाना मैदान में शाम पांच बजे 05 अक्तूबर को रावण वध किया जाएगा। अबकी कुंभकरण और मेघनाद के पुतले 50 और रावण का पुतला 55 फुट का होगा। पिछले वर्षों से यह 5-5 फुट अधिक है।
रामलीला में झांसी के कलाकार बल्लू ही हर साल रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाते थे, लेकिन कोरोना के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। जालौन की राबिया बेगम और परिवार के बारे में सुना तो कमेटी के निर्णयानुसार उनसे संपर्क किया गया। राबिया बेगम बहुत लगन और विधि-विधान से पुतले बना रहीं।
विकास खत्री, कार्यवाहक अध्यक्ष- रामलीला कमेटी