झांसी। दारोगा बनकर एक सिपाही ने साथियों के साथ पीएसी जवान के घर में घुस कर मारपीट की। प्रेमनगर थाने पर सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित ने आईजी कानपुर जोन के ‘एक नंबर भरोसा का’ पर शिकायत की। इस पर पुलिस ने एक साथी के खिलाफ धारा 151 में कार्रवाई करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली। पीड़ित ने सिपाही का दारोगा के भेष में फोटो दिखाते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
कानपुर देहात के कसबा रूरा निवासी धीरेंद्र बाबू शर्मा पुत्र उजियारे लाल शर्मा पीएसी 33वीं वाहिनी राजगढ़ में तैनात हैं। उन्होंने बताया की सात अगस्त की रात को वह परिवार के साथ थे, तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। उनकी पत्नी ने दरवाजा खोला तो एक परिचित व्यक्ति के साथ सात-आठ लोग थे। उनके साथ दारोगा के भेष में एक युवक भी था। तथाकथित दारोगा लोगों के साथ घर के अंदर घुसा और गाली-गलौज देते हुए उसकी पिटाई कर दी। उसने तुरंत इसकी सूचना अपने अधिकारियों को दी। जब तक कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचते तब तक आरोपी भाग गए।
इस आशय की शिकायत करने पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में आईजी कानपुर जोन के ‘एक नंबर भरोसा का’ पर शिकायत की गई। इस पर एक आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 151 में कार्रवाई करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली। जब उसने दारोगा के बारे में जांच पड़ताल की तो उसे पता चला कि वह कानपुर में तैनात सिपाही है। उसने सिपाही के फेस बुक एकाउंट से दारोगा के भेष की फोटो कलेक्ट करके अधिकारियों से मामले की शिकायत की है।
वहीं, थानाध्यक्ष ने बताया कि कानपुर में तैनात सिपाही के बहनोई के घर पर धीरेंद्र बाबू शर्मा किराए पर रहे थे। तीन-चार माह रहने के बाद उन्होंने घर बदला तो केबिल व मीटर उखाड़कर ले गए, जिसको लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। दारोगा के भेष के मामले में उनका कहना है कि आज के समय में फेस बुक की फोटो पर यकीन नहीं किया जा सकता क्योंकि कोई भी फोटो बनाकर लोड की जा सकती है।