हवाई अड्डे के लिए सिमरधा गांव की जमीन लिए जाने के विरोध में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते ग्रामीण?
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झांसी। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले सिमरधा गांव के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, जिसके जरिये उन्होंने हवाई अड्डे के निर्माण के लिए ग्राम सिमरधा की भूमि अधिग्रहित न किए जाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि सिरमधा के गांव को अधिग्रहित किए जाने से वे बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे। सिमरधा की उपजाऊ भूमि लिए जाने की जगह किसी बंजर भूमि पर हवाई अड्डे का निर्माण किया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि सिमरधा गांव का पचास फीसदी से अधिक हिस्सा पहले ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए अधिग्रहित किया जा चुका है। अवशेष जमीन पर वे खेती करते हैं तथा घर बनाए हुए हैं। पूर्व में भी जमीन अधिग्रहित किए जाने का विरोध किया जा चुका है। बावजूद, तीन सितंबर को गांव में जमीन और मकानों की नापजोख की गई। ग्रामीणों ने कहा कि झांसी में जमीन की कोई कमी नहीं है। किसी भी बंजर भूमि पर हवाई अड्डे का निर्माण किया जा सकता है। सिमरधा की उपजाऊ भूमि पर हवाई अड्डे का निर्माण सरकार को भी खासा महंगा पड़ेगा। जबकि, बंजर भूमि पर बगैर किसी अवरोध के आसानी से हवाई अड्डा बनाया जा सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनीपूर्ण लहजे में कहा कि जबरदस्ती भूमि लिए जाने पर वे आमरण अनशन व प्रदर्शन करेंगे। इस मौके पर किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष पीएन द्विवेदी, बिहारी सिंह तोमर, सुमित रघुवंश, मोनू भदौरिया, केशव नारायण, रवींद्र आदि मौजूद रहे।
हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही ग्रामीणों की सहमति से ही होगी। उनको सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी