झांसी। कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस व किसानों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने गल्ला मंडी पहुुंच कर व्यापारियों एवं किसानों का समर्थन किया और फल मंडी की दुकानें भी बंद कराईं। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि हाल में पास हुए कृषि बिलों से भविष्य में मंडी व्यवस्था ही खत्म हो जाएगी और कारपोरेट तथा बिचौलियों को फायदा होगा।
भारत बंद के समर्थन में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कचहरी चौराहा स्थित गांधी उद्यान पर नारेबाजी एवं प्रदर्शन कर इलाइट चौराहा की ओर बढ़ने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा मुल्क किसानों का है। भाजपा सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लेकर आई है। इसमें किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कोई गारंटी नहीं है। प्रदर्शन अवसर पर योगेंद्र सिंह पारीछा, मुकेश अग्रवाल, प्रिंस कटियार, गिरजा शंकर राय, मीना आर्य, मनीराम कुशवाहा, अमीरचंद्र आदि रहे।
शहर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने गल्ला मंडी पहुंच कर व्यापारियों, किसानों और पल्लेदारों के बंद का समर्थन किया। फल मंडी व्यापारियों के समर्थन से फल मंडी की दुकानें भी बंद कराई। शहर अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार किसानों के विरोध में किसान अधिनियम लाई है, जिससे भविष्य में किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह यादव, बलवान सिंह यादव, राजेंद्र रेजा, जितेंद्र भदौरिया, जय करन निर्मोही, प्रभा पाल, शमशाद बेगम, विनोद वर्मा, राजेंद्र शर्मा, मानू सिंह आदि मौजूद रहे।
भाकपा ने भी दिया धरना
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की जिला इकाई ने धरना देकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार पूंजीपतियों की धन लिप्सा की पूर्ति कर रही है। इससे किसान, मजदूर और नौजवान तबाह हो रहे हैं। केंद्र सरकार पूरी तरह से पूंजीपतियों के साथ खड़ी है। किसान कामगारों को तबाह करने वाले कानून बनाती जा रही है। पार्टी के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें मांग की गई, कि किसान विरोधी बिल को वापस लिया जाए। बुंदेलखंड में किसानों को फसल का मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर जिला सचिव शिरोमणि सिंह राजपूत, भगवान दास पहलवान, श्याम सिंह, प्रेम नारायण परिहार, राम चरण, हीरालाल, गिरजाकांत आदि मौजूद रहे।
किसान यूनियन ने कहा, अध्यादेश वापस ले सरकार
झांसी। भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें कहा गया कि कृषक विरोधी तीनों अध्यादेश को वापस लिया जाए। ज्ञापन में बताया कि इन अध्यादेशों को किसान संगठन कंपनीज के रूप में देखता है। बिहार में मंडी व्यवस्था खत्म है और मार्केट फोर्सेज सक्रिय है। क्या वहां पर किसान खुशहाल है। यूनियन ने मांग की, कि केंद्र सरकार कृषक विरोधी तीनों अध्यादेश वापस ले और हम दो हमारे दो के नारे के साथ दो बच्चों का कानून लागू करे। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष पीएन द्विवेदी, राघवेंद्र खरे, देवेंद्र सिंह चौहान, घनेंद्र प्रताप सिंह, प्रतिपाल सिंह घोष, राजकुमार, मुरारी लाल, नीता, पवन यादव, गजराज सिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों के आंदोलन को लेकर पुलिस रही चौकन्नी
- प्रमुख चौराहों से लेकर कलेक्ट्रेट व स्टेशन पर तैनात रहा पीएसी बल
- पुलिस अफसर भी घूम-घूम कर लेते रहे स्थिति का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। देशभर में किसानों के आंदोलन के चलते जिलेे में पुलिस अलर्ट रही। जहां प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा तो कलेक्ट्रेट से लेकर स्टेशन पर पीएसी बल दिन भर तैनात रहा। हालांकि, जिले में किसानों द्वारा कोई हंगामी कार्यक्त्रस्म न होने के चलते प्रशासन ने राहत की सांस ली। लेकिन, स्थिति को भांपते हुए पुलिस महकमा सतर्क रहा। अफसरों ने भी दिन घूम-घूम कर स्थिति का जायजा लेते रहे। संसद से पास हुए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्त्रस्वार देश भर में आंदोलन का आह्वान किया था। इस प्रकरण में पंजाब के किसान पटरियों पर बैठ गए। रेल रोको आंदोलन को देखते हुए कई ट्रेनों को भी निरस्त कर दिया गया है। जिसके चलते झांसी में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। सुबह से ही स्टेशन पर जीआरपी, आरपीएफ के साथ-साथ पीएसी व सिविल पुलिस को तैनात किया गया। इसके अलावा, स्टेशन के आउटर पर भी फोर्स तैनात कर निगाह रखी गई।