झांसी। झांसी जन महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को निकाली जारही शोभायात्रा बुंदेली कला संस्कृति पर आधारित होगी। वहीं बुंदेलखंड व झांसी की वीरांगनाओं, सेनानायकों, ऋषियों, क्रांतिकारियों व साहित्यकारों क ो भी शोभायात्रा के माध्यम से नमन किया जाएगा।
रानी लक्ष्मीबाई पार्क के मुख्य द्वार से प्रात: 10 बजे से रवाना होने वाली शोभायात्रा में करीब 125 बुंदेली लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते चलेंगे। महोत्सव के मुख्य संयोजक राजीव राय ने बताया कि शोभायात्रा को हरी झंडी पुलिस उप महानिरीक्षक अजय मोहन शर्मा दिखाएंगे।
शोभायात्रा खंडेराव गेट, सिंधी तिराहा, मानिक चौक, बड़ा बाजार, सुभाष गंज से होते हुए रानी महल पर समाप्त होगी, जहां रानी महल पर सुभाष गंज व्यापार मंडल स्वागत करेगा।
शोभायात्रा संयोजक हरगोविंद कुशवाहा के मुताबिक शोभायात्रा में रानी झांसी के दत्तक पुत्र दामोदर राव द्वारा निर्मित रानी का चित्र, देश के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद एवं क्रांतिकारी मास्टर रुद्र नारायण का चित्र, रानी झांसी एवं उनकी महिला वीरांगनाओं व सेनानायकों के स्वरूप शामिल होंगे।
रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि, राम चरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसी दास, लोक कवि ईसुरी, साहित्यकार वृंदावन लाल वर्मा, मैथली शरण गुप्त के स्वरूप मुख्य आकर्षण होंगे। वहीं बुंदेली संस्कृति की छटा बिखेरने के लिए बुंदेली राई नृत्य को चंदा देवी व गोरेलाल, शास्त्रीय शैली में राई नृत्य बीकेडी की छात्राएं प्रदर्शित करेंगी। आल्हा गायन विजया यादव एवं उनके साथी करेंगे।
सीताराम कुशवाहा एंड पार्टी रावला नृत्य तो गौरी शंकर सिरवैया एंड पार्टी कछियाई, ढिमरयाई, गोटे व देवी भजन गायन करेंगे। लक्ष्मी नारायण कुशवाहा एंड पार्टी मौनिया नृत्य, अचरी गीत एवं जवारों का प्रदर्शन करेंगे। मथुरा प्रसाद कुशवाहा सैरा नृत्य पेश करेंगे। वहीं बग्गियों पर राधा कृष्ण के स्वरूप समेत अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप विराजमान होंगे।
रंजना विद्रोही एवं उनके साथियों द्वारा टेसू, सुआटा, कार्तिक, हरजू, चंगेर (पालना) की, तो युद्ध करती वीरांगना झलकारी, तोप दागते गुलाम गौस खां एवं विभिन्न स्कूलों की झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अलावा नागरिक सुरक्षा संगठन के सदस्य 11 घोड़ों पर सवार होकर रमतूला सहित विभिन्न वाद्य यंत्रों का वादन करेंगे।
हाथ की कारीगरी बनी आकर्षण, गर्म वस्त्रों की बिक्री बढ़ी
झांसी। हस्तशिल्प मेले में वूलेन, फै दर, फर, रैगजीन, लेदर आदि से बने स्वेटर, जैकेट अपनी आकर्षक डिजाइनों के चलते लोगों की पसंद बने हुए हैं। शिल्पियों द्वारा बनाई गई आकर्षक डिजाइनें इन वस्त्रों को और अधिक खूबसूरत बना रही हैं।
वीरांगना झांसी के ऐतिहासिक दुर्ग की तलहटी में झांसी जन महोत्सव के तहत लगे मेले में शिल्पकारों द्वारा तैयार की गईं सामग्रियां आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
मेले में देश-प्रदेश के कोने कोने से आए शिल्पकार लुभावनी डिजाइन के गर्म वस्त्रों की लंबी श्रृंखला लाए हैं। कानपुर की शिल्पकार अमिता शुक्ला के मुताबिक महिला एवं पुरुष के लिए हाफ एवं फुल में जैकेट व सदरी उपलब्ध है। जैकेट में फेदर का उपयोग किया गया है, ताकि पहनने के पश्चात व्यक्ति को गर्मी महसूस हो सके। वहीं खादी व काटन सिल्क में मौजूद सदरी के कई शेड युवाओं को पसंद आ रहे हैं।
जैकेट व सदरी में हाथों से भी डिजाइन बनाई गई है। कानपुर की शहनाज बानो के अनुसार वूलेन से बने हाफ व फुल स्वेटर में हाथों की कारीगरी से खूबसूरत डिजाइन बनाए गए हैं। वूलेन स्वेटर में महिलाओें की कुर्ती कई रंगों में उपलब्ध हैं। वह बताती हैं कि बच्चों के लिए फर वूलन से निर्मित भालू जैकेट की बिक्री बढ़ रही है। वहीं छोटी लड़कियों में टॉप अपनी जगह बनाए हैं।
मैत्री क्रिकेट मैच में पत्रकार एकादश जीता
महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को ध्यानचंद स्टेडियम में हुए मैत्री क्रिकेट मैच में पत्रकार एकादश ने नगर निगम की टीम को छह विकेट से हराया। विजेता टीम को मुख्य संयोजक राजीव राय की ओर से नगद पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर महापौर किरन वर्मा, एसडीएम यूवी सिंह, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश, मेला प्रभारी दिनेश भार्गव आदि मौजूद रहे।